गंगा में इन दिनों डीजल नावों की संख्या बढ़ गई है। बीते एक साल में 1,500 से ज्यादा नावें गंगा में बढ़ीं हैं। इन नावों की संख्या पर कोई लगाम नहीं लग रही है और इस कारण दिन-प्रतिदिन इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। वर्तमान में गंगा में 3,000 से अधिक छोटी-बड़ी नावें संचालित हो रही हैं।
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गंगा में साल 2022 से नगर निगम की ओर से नावों का पंजीकरण किया गया। इसके बाद स्मार्ट सिटी की ओर से इन नावों में सीएनजी इंजन लगाए गए। साल 2024 तक नगर निगम की ओर से 1,217 नावों का पंजीकरण कर लाइसेंस जारी किया गया। बावजूद इसके, मौजूदा समय में 3,000 से अधिक नावें गंगा में संचालित हो रही हैं और इनमें से अधिकांश का संचालन डीजल से किया जा रहा है।
लाइसेंस की प्रक्रिया जब से आईडब्ल्यूएआई और आरटीओ को मिली है, तब से नए लाइसेंस भी जारी नहीं हुए हैं। डीजल नावों के संचालन के कारण गंगा में प्रदूषण भी बढ़ रहा है।