क्षेत्र में डायरिया फैला तो जिम्मेदार अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होगा। यह निर्देश मंगलवार को सारनाथ स्थित महाबोधि इंटर कॉलेज में लगी जनचौपाल में डीएम विजय किरन आनंद ने दिया। छेड़खानी और अपराध वाले स्थानों पर नगर निगम को स्ट्रीट लाइट लगाने को कहा। इस दौरान उन्होंने सेनेटरी सुपरवाइजर को भी चेतावनी दी। डीएम ने राशन कार्ड नहीं बनने पर खाद्य निरीक्षक का वेतन रोकने का आदेश दिया। साथ ही बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने पर दो एसडीओ और एक जेई का वेतन भी रोक दिया।
डीएम ने शाम सात बजे कालेज परिसर में चौपाल लगाकर जनता की शिकायतें सुनीं। इस दौरान 13 विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। क्षेत्र में नियमित सफाई न होने की शिकायत पर डीएम ने सेनेटरी सुपरवाइजर से पूछा कि कितने सफाई कर्मचारी हैं, जवाब मिला 112। तो पूछा कितनी गलियां हैं, जवाब मिला.. साहब बहुत अधिक। फिर पूछा, कोई आंकड़ा तो होगा। जवाब नहीं मिला। फिर जनता से पूछा, इन्हें पहचानते हो? इस पर जनता ने जवाब दिया नहीं।
फिर क्या था डीएम विजय किरन आनंद का पारा सातवें आसमान पर चला गया। डांटते हुए अधिकारी को हिदायत दी बुधवार की शाम तक सभी सफाई कर्मचारियों का फोटोयुक्त रजिस्टर बनाकर लाएं। कौन किस गली की सफाई करेगा, मोबाइल नंबर के साथ पूरा ब्योरा दर्ज करें। साथ ही 10-10 सफाई दूत बनाने को कहा। इसी अंदाज में डीएम ने बिजली, पानी, सड़क, सीवर पुलिस आदि विभाग के अधिकारियों को जनता के सामने बुलाया और उनसे व्यवस्थाओं के बारे में पूछताछ कर दुरुस्त करने को कहा। जिन अधिकारियों को डीएम बुला रहे थे उनकी बोलती बंद हो रही थी। इस दौरान एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय, एसडीएम आर्यका अखौरी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
काशी विद्यापीठ ब्लॉक के लोहिया गांव ककरहिया में मंगलवार को प्राइमरी पाठशाला में चौपाल लगाकर जनता की समस्याएं सुनीं। विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम विजय किरन आनंद ने मौके पर अनुपस्थित एआर कोऑपरेटिव का वेतन रोक दिया। साथ ही लापरवाह एबीआरसी को तुरंत हटाने का निर्देश दिया। यही नहीं काम में लापरवाही पर रोजगार सेवक की सेवा समाप्त करने का भी निर्देश दिया। संस्थागत प्रसव की प्रगति खराब होने पर एएनएम और आशा के वेतन पर रोक लगाई और किसान सहायक को निलंबित करने को कहा। डीएम ने कहा कि जो भी जनता का पैसा खाएगा, वह निलंबित होगा।
डीएम ने कहा कि लेखपाल व ग्राम पंचायत अधिकारी प्रतिदिन ग्रामसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे और समस्याएं सुनेंगे। बिजली चोरी रोकने के लिए कैंप लगाएंगे। निगरानी समिति सुबह और शाम खुले में शौच को रोकेगी। उन्होंने बच्चों का वजन कराने के लिए 31 जुलाई तक का समय दिया। साथ ही पेंशन सत्यापन के लिए लेखपाल और समाज कल्याण के अधिकारी को 10 दिन की मोहलत दी। चौपाल के बाद जब डीएम गांव में भ्रमण के लिए निकले तो जनता ने जिंदाबाद का नारा लगाते हुए उनके साथ पूरे गांव का भ्रमण किया। डीएम ककरहिया में शाम साढ़े पांच बजे तक रहे। उन्होंने अधिकारियों से गांव में चल रही विकास की योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल की।
वहीं, मुंशी प्रेमचंद के गांव लमही को सौ फीसदी शौच मुक्त गांव घोषित करने के अधिकारियों के दावे को डीएम विजय किरन आनंद ने खारिज कर दिया। मंगलवार को निरीक्षण के दौरान डीएम ने प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी को झूठा दावा नहीं बल्कि हकीकत में गांव को शौचमुक्त कराने की नसीहत दी। गांव को सौ फीसदी खुले में शौचमुक्त करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी। दोबारा सत्यापन की बात कही। निरीक्षण के दौरान कई जगह गंदगी पर डीएम ने नाराजगी जताई। गांव में 16 शौचालय विहीन परिवारों को शौचालय स्वीकृत कर निर्माण कराने को कहा। पांच प्रतिशत अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान 15 वर्ष के समीर पर डीएम की नजर पड़ी जो खुले में शौच के लिए जा रहा था। डीएम ने खुले में शौच न करने की शपथ दिलाई। इस दौरान गांव वालों ने प्रेमचंद सरोवर पर हो रहे अतिक्रमण की शिकायत डीएम से की। इस दौरान सीडीओ हुबलाल, जिला पंचायत राज अधिकारी एके सिंह आदि मौजूद रहे।