नेपाल में भूकंप और उसके बाद शुरू हुए माओवादी आंदोलन के कारण हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्य पर्यटन के नए केंद्र बनकर उभरे हैं। यहीं नहीं, गर्मी में स्कूल की छुट्टियों के मद्देनजर वाराणसी और पूर्वांचल के अन्य जिलों के लोग किफायती विदेशी ट्रिप को भी खूब तरजीह दे रहे हैं। थाईलैंड का ट्रिप तो कई अंतरदेशीय पैकेज से भी सस्ता है। पर्यटन एजेंसियां और टूरिज्म वेबसाइट इस मौके को जमकर भुना रही हैं।
कुछ साल पहले तक गर्मी की छुट्टियों में घूमने-फिरने के लिए बजट के अंदर आने वाले खूबसूरत हिल स्टेशन नेपाल पहली पसंद होता था। भूकंप और माओवादी आंदोलन के बाद वहां का पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अब पूर्वांचल के लोग हिमाचल प्रदेश (शिमला, कुल्लू, मनाली) या फिर पूर्वोत्तर (गंगतोक, दार्जिलिंग) को रुख कर रहे हैं। केरल स्थित मुन्नार व अलेप्पी हिल स्टेशन के अलावा कर्नाटक के मैसूर और तमिलनाडु के ऊटी आदि क्षेत्र भी पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहे हैं। उत्तराखंड में नैनीताल और मसूरी भी पर्यटक को खूब पसंद आता है। वहीं दुबई, सिंगापुर, हांगकांग, श्रीलंका और थाईलैंड जाने वाले पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है।
थाईलैंड: टूरिज्म एजेंसियां थाईलैंड का ट्रिप 18000 रुपये में करा रही हैं। इसमें एक व्यक्ति का कोलकाता से आने-जाने का फ्लाइट का खर्चा, दो रात पटाया और दो रात बैंकाक में बिताने का मौका मिलेगा।
दुबई: नाइट सफारी और बुर्ज खलीफा के कारण लोगों को दुबई खासा रास आ रहा है। 16 हजार रुपये में दिल्ली से आना-जाना और लगभग 40 हजार में चार रात-पांच दिन का प्रति व्यक्ति खर्चा आता है।
हांगकांग: हांगकांग और वहां से मकाऊ के लिए पर्यटन एजेंसियां चार रात के लिए 40-60 हजार प्रति व्यक्ति के हिसाब से पैकेज दे रही हैं। इसी प्रकार श्रीलंका भी पसंदीदा विदेश दौरे में अपनी जगह बना रहा है।