मधुमेह मुक्त भारत के पीएम मोदी के अभियान का आगाज उनके संसदीय क्षेत्र से हो गया है। स्वदेशी जागरण मंच व प्रशांति कुटीरम (विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान, बंगलूरू) के संयोजन और आयुष मंत्रालय के सहयोग से जिले में दो हजार लोगों पर योग के माध्यम से मधुमेह से मुक्ति दिलाने का प्रयोग शुरू कर दिया गया है। अगले ढाई महीने तक इनसे योग कराया जाएगा। विश्व योग दिवस यानी 21 जून तक चिह्नित रोगियों को योगासन कराकर अभियान की सफलता का अध्ययन किया जाएगा।
योग शोध केंद्र ने दावा किया है कि मधुमेह को निरंतर योगाभ्यास और खानपान के नियंत्रण द्वारा ठीक किया जा सकता है। इसके बाद भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं। मंत्रालय एक व्यक्ति के रक्त परीक्षण से लेकर उसके खानपान का चार्ट बनाने पर 2000 रुपये खर्च कर रहा है। इसके लिए जिले के चितईपुर, ककरमत्ता, चिरईगांव और छावनी क्षेत्र में योगा सेंटर खोले गए हैं। अब तक चार हजार लोगों का पंजीकरण हो चुका है।
काशी विद्यापीठ ब्लाक के ककरमत्ता, कंदवा और आदित्य नगर क्षेत्र के लोगों के लिए बनाए गए चितईपुर केंद्र की प्रभारी डॉ. शारदा सिंह के नेतृत्व में पूनम सिंह, अर्चना, आशीष टंडन, ज्ञान चंद्र पांडेय, सुबोध राय और विजय मिश्रा की टीम बनी है। चितईपुर में बनाई गई जिले की कंट्रोल यूनिट का जिम्मा नम्रता चौरसिया को सौंपा गया। ककरमत्ता सेंटर की प्रभारी योगिता तिवारी का कहना है कि उनके यहां पंजीकृत एक हजार लोगों में से 300 से अधिक के खून की जांच कराई गई है। इसमें 150 से अधिक लोगों को खुद को मधुमेह होने की जानकारी पहली बार हुई है।