वाराणसी। हिंदू नव वर्ष के पहले दिन बाबा विश्वनाथ धाम के शिवार्चनम मंच पर संस्कृतिक संध्या का श्रीगणेश हुआ। पद्मश्री से सम्मानित हो चुके पंडित ऋत्विक सान्याल ने बाबा विश्वनाथ की ध्रुपद आराधना की। कभी शिव-शिव और शंकर-शंभू पर पं. सान्याल के नाद और अलाप तो कभी सुनंदा शर्मा की शिवमय ऊंची तान ने भक्तों को भारतीय संगीत की आध्यात्मिक शक्ति से परिचय करा दिया।
पंडित सान्याल की नाद पर वाद्य यंत्रों की ताल आकाश में मंडराते बादल की चाल की तरह से आवाज करता रहा तो वहीं सुनंदा शर्मा के गायन में बज रही वायलिन ने भक्तों को संगीत से बांधे रखा। घूंघरू पहनकर शिवार्चनम मंच पर आए पंडित राजेंद्र गंगानी ने कथक नृत्य से बाबा विश्वनाथ की भक्ति की। इस सांस्कृतिक संध्या में आए भक्तों को आध्यात्म के माध्यम से शिव की पूजा के शास्त्रीय सुरों का पता लगा।
आज मालिनी अवस्थी देंगी प्रस्तुति
पद्मश्री से सम्मानित पंडित शिवनाथ मिश्र और उनके साथ देवब्रत मिश्र और कृष्णा मिश्र सितार त्रिवेणी कार्यक्रम में प्रस्तुतियां देंगे। वहीं लोक गायिका मालिनी अवस्थी भक्ति संगीत और रमा वैद्यनाथन भरतनाट्यम करेंगे।