वाराणसी। ‘हैलो मैं मिर्जामुराद से बोल रहा हूं। मरीज की हालत खराब है, कबीर चौरा अस्पताल ले जाना है’। परेशान तीमारदारों को दूसरी तरफ से सुनने को मिला कि ‘आज हड़ताल है, एंबुलेंस नहीं मिल पाएगी, कृपया दूसरे साधन से मरीज ले जाएं।’ यह सिलसिला शुक्रवार को दिन भर चला।
टेलीफोन की घंटी बजती रही लेकिन किसी जरूरतमंद के पास एंबुलेंस नहीं पहुंची। दरअसल, वेतन बढ़ोतरी सहित कई मांगों को लेकर 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के चालक जिला मुख्यालय पर एंबुलेंस खड़ी कर प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रदर्शन कर रहे चालकों की मांग थी कि उनका वेतन 5900 रुपये से बढ़ाकर 18 हजार किया जाए। साथ ही पे स्लिप देने, ड्यूटी का समय 12 से घटाकर आठ घंटे करने, साप्ताहिक अवकाश देने, ईएसआई सुविधा और दुघर्टना बीमा की मांग भी उठाई। साथ ही चालकों ने कंपनी के तीन अधिकारियों को यहां से हटाने और पूर्व में हटाए गए तीन लोगों को बहाल करने की मांग की।
जिले में कुल 44 एंबुलेंस हैं। इनमें से 108 नंबर की 12 और 102 नंबर की 32 एंबुलेंस शामिल हैं। 108 नंबर की सेवा का इस्तेमाल सड़क दुर्घटना में जबकि 102 का गभर्वती महिलाओं को अस्पताल ले जाने और घर पहुंचाने में होता है।
चालकों के प्रदर्शन के कारण मरीजों की सेवा में एक भी एंबुलेंस कहीं नहीं पहुंच सकीं। इसके चलते 50 से अधिक मरीजों को असुविधा हुई। बाद में एंबुलेंस चालकों ने एडीएम सिटी बिंध्यवासिनी राय से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन दिया।
एडीएम सिटी ने नियोक्ता कंपनी से बात कर चालकों समस्याएं सुलझाने का आश्वासन दिया। इसके बाद एंबुलेंस सेवा शुरू हो सकी। प्रदर्शन में दीपक सिंह, अजीत कुमार, सूर्यभान सिंह, संदीप कुमार व अरुण कुमार आदि शामिल रहे।