हवा का रुख मंगलवार को बदल गया। उत्तर-पश्चिमी हवा के झोंके चलने से झुलसा देने वाली गर्मी पड़ती रही। भीषण गर्मी के साथ उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। न घरों में चैन न तो बाहर राहत। दहकते सूरज की तपिश में दिन भर लोगों को पसीना छूटता रहा। स्कूलों से छुट्टियों के समय बच्चों को घर पहुंचने के दौरान ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कटने पर तो रात को लोग घरों के बाहर टहल कर वक्त गुजारने के लिए मजबूर हो गए हैं।
दो दिन से वातावरण में बढ़ी उमस के चलते घरों में भी बेचैनी बढ़ गई है। लोकल हीटिंग के चलते पूर्वांचल में आंधी-पानी के आसार हैं। हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने के भी संकेत मिले हैं। ऐसा होते ही तेज हवा के साथ कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। बाबतपुर मौसम केंद्र के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस रहा लेकिन उमस बेतहाशा बढ़ने से लोग पसीने से तर-ब-तर होते रहे।
घरों में भी कूलर-पंखे की हवा उमस से निजात नहीं दिला सकी। न्यूनतम तापमान 30.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बीएचयू के मौसम विज्ञानी डॉ. राजीव भाटला के अनुसार उमस लगातार बढ़ रही है। चक्रवाती हवा का भी सिस्टम बन सकता है। फिलहाल पूर्वांचल के कुछ इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान आंधी के साथ बारिश भी हो सकती है।
रात की बिजली कटौती बंद होने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार की रात में भी कटौती का सिलसिला जारी रहा। विभागीय अधिकारियों की मानीटरिंग भी काम नहीं आ रही है। बिजली की आवाजाही से परेशान जनता अधिकारियों को कोस रही है। दिन भर में चार से छह घंटे की कटौती ने लोगों को परेशान कर दिया है। चांदपुर, लहरतारा, सुंदरपुर, औरंगाबाद, सोनिया, वरुणा पार, सारनाथ, भेलूपुर, लंका, सिगरा, महमूरगंज, मंडुवाडीह आदि इलाकों में कटौती से लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।
कहीं रात बिजली के इंतजार में कटी तो कहीं दोपहर में गर्मी और उमस के बीच लोग परेशान हुए। नगरीय विद्युत वितरण मंडल द्वितीय के अधीक्षण अभियंता अनिल वर्मा ने बताया कि पहले की अपेक्षा बिजली आपूर्ति में सुधार हुआ है। मरम्मत और फाल्ट को ठीक करने के लिए कटौती होती है। बाकी यदि ट्रांसमिशन से आपूर्ति बंद होती है तभी कटौती होती है। नगरीय विद्युत वितरण मंडल प्रथम के अधीक्षण अभियंता आशीष अस्थाना ने बताया कि सामान्य दिनों की अपेक्षा मंगलवार को कम कटौती रही।