मां अन्नपूर्णा आज से पांच दिन तक भक्तों को दर्शन देंगी। वहीं धनतेरस पर खजाना लुटाएंगी। खजाने में पांच क्विंटल लावा, 10 लाख सिक्के और रजत सिक्के शामिल होंगे।
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बाबा विश्वनाथ को भिक्षा देने वाली मां अन्नपूर्णा धनतेरस से पांच दिनों तक अपने स्वर्णमयी स्वरूप में भक्तों पर कृपा बरसाएंगी। इस दौरान श्रद्धालुओं को 95:30 घंटे दर्शन के सौभाग्य मिलेंगे। धनतेरस के दिन मां अन्नपूर्णा 18:30 घंटे तक भक्तों को दर्शन देंगी और खजाना लुटाएंगी। खजाने में पांच क्विंटल लावा, 10 लाख सिक्के और रजत सिक्के शामिल होंगे। इसके बाद 10 नवंबर तक रोज 19:15 घंटे दर्शन होंगे।
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पांच दिनों में कुल 24:30 घंटे मंदिर के कपाट बंद रहेंगे।मां अन्नपूर्णा के दर्शन के लिए बृहस्पतिवार दोपहर से ही बांसफाटक स्थित अन्नपूर्णा मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की कतार लगने लगी। शुक्रवार को भोर में पांच बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू होंगे।
मंदिर के महंत शंकर पुरी ने बताया कि धनतेरस पर सुबह पांच बजे से रात 11:30 बजे तक भक्त माता के दर्शन कर सकेंगे। सात से 10 नवंबर तक प्रतिदिन भोर में चार बजे से रात 11:15 बजे तक माता के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन होंगे। 10 नवंबर को माता का अन्नकूट शृंगार होगा। रात 11:30 बजे महाआरती के बाद वर्षभर के लिए स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाली बांसफाटक गली से प्रवेश कराया जाएगा।
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स्वामी नारायण और मणि मंदिर में भी पांच दिन दर्शन व खजाना
दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ परिसर के मणि मंदिर में विराजमान मां अन्नपूर्णा का धनतेरस पर पूजन होगा। धर्मसंघ के महामंत्री पं. जगतीतन पांडेय ने बताया कि मंदिर में सुबह पांच से दोपहर 12 बजे और अपराह्न तीन से रात 10 बजे तक दर्शन होंगे। मच्छोदरी स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर में धनतेरस पर शाम छह बजे श्रीलक्ष्मी-गणेश का पूजन होगा।