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DJ पर रहेगा बैन, कांवरियां बजाएं लो साउंड सिस्टम : डीजीपी सुलखान सिंह

Tue, 04 Jul 2017 02:26 PM IST
amarujala.com, presented by पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी
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श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में डीजीपी, प्रमुख सचिव (गृह) और एसएसपी वाराणसी - फोटो : अमर उजाला
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सावन मेले से पहले योगी सरकार ने शिव भक्तों को बड़ी राहत दी है। 10 जुलाई से शुरू हो रहे सावन मेले में कांवरिए कम ध्वनि वाले छोटे साउंड सिस्टम लेकर चल सकेंगे लेकिन डीजे पर पहले की ही तरह प्रतिबंध जारी रहेगा।
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साथ ही, छोटे साउंड सिस्टम भी रात नौ से सुबह छह बजे के बीच नहीं बजाए जा सकेंगे। सोमवार को सावन मेले की तैयारियों का जायजा लेने यहां आए प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार और प्रदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुलखान सिंह ने यह जानकारी दी।

बताया कि नौ जुलाई से सात अगस्त तक एनएच-टू की इलाहाबाद से वाराणसी की ओर आने वाली लेन कांवरियों के लिए आरक्षित रहेगी। काशी और इलाहाबाद की निगहबानी सावन भर ड्रोन कैमरे से की जाएगी। कांवरिया रूटों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे और जगह-जगह पुलिस हेल्प डेस्क सेंटर बनाए जाएंगे।
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आयुक्त सभागार में तैयारियों की समीक्षा के बाद मीडिया से मुखातिब दोनों आला अधिकारियों ने निर्देश दिया कि जिन रास्तों पर खुदाई या अन्य काम चल रहे हैं, उन्हें सात जुलाई तक हर हाल में पैदल चलने योग्य बना दिया जाए।

बताया कि सात जुलाई से सावन खत्म होने तक सड़कों पर खुदाई से संबंधित नए काम नहीं होंगे। कांवर यात्रा से संबंधित रूटों पर चौबीसों घंटे पानी, बिजली, चिकित्सा सेवा और पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित जिले के जिलाधिकारी की होगी।

नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, बिजली विभाग, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया। कहा कि श्रद्धालुओं को पीने के पानी, शौचालय, सफाई, प्रकाश और चिकित्सा सेवाओं को लेकर किसी तरह की दिक्कत न आने पाए।

रेलवे और रोडवेज को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर पहले से ही जरूरी तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं। खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग कांवरिया सेवा शिविरों में औचक छापेमारी कर तस्दीक करेेगा कि भोजन सही बन रहा है या नहीं।

सुरक्षा चौकसी के लिए सिविल डिफेंस से जुड़े लोगों और पुलिस मित्रों की भी मदद ली जाएगी। कांवरिया शिविरों की निगरानी के लिए कांवरियों की वेशभूषा में पुलिस कर्मी तैनात होंगे। खुफिया एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सूचनाएं संकलित करेंगी। सभी थानाध्यक्ष अपनी टीम के साथ निगरानी में मुस्तैद रहेंगे। सोशल मीडिया या कहीं भी अफवाह फैलाने वालों को तत्काल मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। 
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