Holi 2024: होली की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में भक्तों का जमावड़ा दिखा। फूलों की होली के बीच लोग राॅक कीर्तन पर झूमते रहे। इस्कॉन मंदिर वाराणसी के चेयरमैन अच्युत मोहन प्रभु ने सभी को होली एवं गौर पूर्णिमा पर्व की बधाई देते हुए बताया कि भगवान श्री कृष्ण चैतन्य महाप्रभु का अवतार आज से 535 वर्ष पूर्व बंगाल के नवद्वीप (मायापुर) नामक स्थान में हुआ था।
श्री चैतन्य महाप्रभु के प्राकट्योत्सव ‘गौर पूर्णिमा’ के शुभ अवसर पर दुर्गाकुंड रोड स्थित इस्कॉन मंदिर में रविवार की शाम ‘फूलों की होली’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। इस वर्ष विशेष आकर्षण के रूप में वृंदावन की फूलों की होली का आयोजन किया गया, जिसमें भगवान श्रीश्री राधा कृष्ण की रासलीला एवं फूलों की होली पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य की मनोरम प्रस्तुति दी गई।
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बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी के कृष्ण भक्त इस बार ब्रजभूमि वृंदावन की प्रसिद्ध फूलों की होली के आनंद में डूबे हुए दिखे। इस्कॉन मंदिर, द्वारका (नई दिल्ली) से विशेष तौर पर पधारे श्रीनिकेत प्रभु की टीम ने हरे कृष्ण महामंत्र पर आधारित रॉक कीर्तन द्वारा वातावरण को कृष्ण भक्ति की ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
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इस्कॉन मंदिर वाराणसी के चेयरमैन अच्युत मोहन प्रभु ने सभी को होली एवं गौर पूर्णिमा पर्व की बधाई देते हुए बताया कि भगवान श्री कृष्ण चैतन्य महाप्रभु का अवतार आज से 535 वर्ष पूर्व बंगाल के नवद्वीप (मायापुर) नामक स्थान में हुआ था, उन्होंने जातपात और सांप्रदायिक भेदभाव से ऊपर उठकर हरिनाम संकीर्तन के द्वारा समाज में प्रेम, शांति एवं करुणा की स्थापना की।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में डॉ. दीपक मधोक, डॉ. भारती मधोक, अमरीश सिंह, मुरारी गुप्त प्रभु, धवल कृष्ण प्रभु, रसिक गोविंद प्रभु, रामकेशव प्रभु, केशव स्वरूप प्रभु,घनश्याम प्रभु, साक्षी मुरारी प्रभु सहित बड़ी संख्या में इस्कॉन के आजीवन सदस्य एवं भक्तगण शामिल रहें।