Navaratri: कोई 51 तो किसी ने 251 फेरे लगाकर माता का आशीर्वाद लिया। सुरक्षा व्यवस्था भी दुरुस्त थी। सीसीटीवी से निगरानी की जा रही थी। पेयजल की भी व्यवस्था की गई थी।
चैत्र नवरात्र पर महागौरी रूप में मां अन्नपूर्णा और मां मंगला गौरी का भक्तों ने दर्शन-पूजन किया। उन्होंने मां अन्नपूर्णा ने 251 फेरे लगाए तो मंगला गौरी के दर्शन कर पांच शक्तियों का आशीष मांगा। दोनों मंदिरों की आसपास की गलियां मां के भक्तों से पटी थीं।
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अन्नपूर्णा मंदिर के महंत पं. शंकर पुरी के आचार्यत्व में मां अन्नपूर्णा को पंचामृत स्नान करवाकर नूतन वस्त्र धारण कराया गया। विधिवत शृंगार कर सुबह पांच बजे मंदिर के पट खुले तो मां के जयकारे के साथ भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। महिलाओं की खासी भीड़ थी। कुछ आंचल फैलाकर मां से सुख-समृद्धि देने की गुहार लगा रही थीं।
मां के साथ किए सूर्यदेव और गभतिश्वर महादेव के दर्शन
चैत्र नवरात्र की अष्टमी पर पंचगंगाघाट स्थित मां मंगला गौरी के दर्शन का भी विधान है। वहां भी दर्शन पूजन के लिए भीड़ रही। महंत राजनाथ पांडेय नारायण गुरु के आचार्यत्व में मां का शृंगार हुआ। दोपहर तक भक्तों की भीड़ थी।
भक्तों ने मंदिर में मौजूद सूर्यदेव, गभतिश्वर महादेव, गणेश जी और भृगुकेशव महादेव के दर्शन कर आशीष लिया।