शिवालयों में तैयारी, यजमान कर रहे संपर्क
सावन को देखते हुए शिवालयों में तैयारी शुरू हो गई है। प्रमुख शिव मंदिरों के आसपास बैरिकेडिंग शुरू हो गई है। पूजन-अर्चन, रुद्राभिषेक की व्यवस्था की जा रही है। पूजन सामग्रियों की बुकिंग शुरू हो गई है। साथ ही वैदिक ब्राह्मणों के यजमान उनसे अनुष्ठान की तारीख तय करने में लगे हैं। सावन मास में भगवान शिव की महिमागान के लिए श्रीशिव महापुराण, श्रीविष्णु पुराण, श्रीमद्भागवत, मानस कथा होगी। विभिन्न संस्थाएं आयोजन करेंगी। मारवाड़ी समाज की ओर से 17 अगस्त से होने वाले सप्ताहभर श्रीमद्भागवत कथा प्रख्यात भागवत मर्मज्ञ श्रीकांत बालव्यास काशी प्रवचन करेंगे।
जलाभिषेक से लेकर घरों में होंगे मंत्रों के जप
सावनभर शिवालयों में विविध अनुष्ठान होंगे। रुद्राभिषेक, महारुद्र, सप्तचंडी यज्ञ, रुद्रचंडी आदि अनुष्ठान होंगे। महामृत्युंजय महामंत्र का जप लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए होगा। नमक-चमक अनुष्ठान शिव जी का एक विशेष और शक्तिशाली रुद्राभिषेक है, इसमें रुद्राष्टाध्यायी के पंचम (नमकम्) और अष्टम (चमकम्) अध्यायों का पाठ होगा। इससे नकारात्मक ऊर्जा हटती है। गृहक्लेश दूर होता है और सुख-समृद्धि आती है। सोमवार के व्रत पर शिव-पार्वती की पूजा, कांवड़ यात्रा पवित्र नदियों से शिवजी का अभिषेक होता है। भक्त घरों में मंत्र ओम नमः शिवाय का लेखन और पाठ करते हैं।