Kashi-Tamil Sangamam 4.0
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दो लाख से अधिक बार हुआ पारायण
वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे ने बताया कि इन 50 दिनों में उन्होंने रोज सुबह आठ से मध्याह्न 12 बजे तक दंडक्रम का पारायण किया। शुक्ल यजुर्वेद के माध्यंदिनी शाखा के करीब दो हजार मंत्रों का पारायण हुआ। यह मंत्र उनको कंठस्थ हैं। यह पारायण वेदों के आठ विकृतियों में एक है। यह सामान्य मंत्र से अलग पाठ होता है और फिर अनुलोम-विलोम के रूप में पारायण होता है। इस शाखा के दो हजार मंत्रों के दंडक्रम पारायण करने पर दो लाख से अधिक बार पारायण होगा।