गंगा के तट और कुंडों पर देव दीपावली के बाद बुधवार की सुबह फूल, माला, दीपक और कचर पड़ा हुआ था। इसको साफ करने के लिए नगर निगम के साथ ही कई संस्थाएं भी जुट गईं लेकिन सफाई के दौरान कचरे को गंगा में ही बहा दिया गया। इससे घाटों पर तो सफाई दिखने लगी लेकिन गंगा में गंदगी का अंबार लग गया। वहीं बुधवार शाम तक कई घाटों पर सफाई शुरू भी नहीं हो सकी थी।
देव दीपावली के अगले दिन देर शाम तक कई घाट पर फूल-माला और दीपक फैले हुए थे। कुछ प्रमुख घाटों को छोड़ दें तो अधिकांश घाटों पर सफाई नहीं हो सकी थी। राजघाट, प्रह्लादघाट, नये घाट, रानी घाट, गोला घाट, गायघाट पर दिन में नगर निगम की ओर से सफाई तो हुई लेकिन घाट पूरी तरह से साफ नहीं हुए थे। घाटों पर सफाई के लिए नगर निगम के कर्मचारी तो लगाए गए थे लेकिन वह भी खानापूर्ति करके वापस चले गए। अस्सी स्थित जगरनाथ गली से होकर अस्सी घाट की तरफ जाने वाले मार्ग पर, तुलसी घाट मोड़, रीवा घाट सहित अन्य घाटों पर भी जगह-जगह गंदगी पसरी रही। घाटों पर सफाई के दौरान झाड़ू तो लगाया लेकिन घाट पर पड़े फूल-माला और कचरे को गंगा में ही बहा दिया गया।