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Dev Diwali: काशी में दिखा देवलोक का नजारा, सीएम योगी बोले- यह देश और दुनिया का स्पिरिचुअल इवेंट बन गया

Tue, 28 Nov 2023 09:00 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

Dev Diwali 2023 varanasi Live: देव दिवाली के लिए प्रदेश के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ वाराणसी पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमो घाट पर दीया जलाकर विश्वविख्यात काशी की देव दीपावली का उद्घाटन किया। 
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क्रैकर्स शो का दिखा अद्भुत नजारा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Dev Diwali 2023 varanasi: सोमवार की शाम को काशी के घाटों की भव्यता देखते ही बन रही थी। काशी के 85 घाटों पर मां जाह्नवी के समानांतर दीपमालिकाओं की अनंत शृंखला प्रवाहित हो रही थी। वहीं, दो घाट ऐसे भी थे जो विराग के साथ राग का संदेश दे रहे थे। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर चिताएं धधक रही थीं। गोधूली बेला में जैसे ही दूसरे घाट और गंगा पार रेती पर दीप जलने लगे महाश्मशान भी दीपमालिकाओं से सज गए। बाबा मशाननाथ मंदिर में पहला दीप जलाने के बाद श्रद्धालुओं ने घाट के किनारे भी दीप जलाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमो घाट पर पहला दीपक जलाकर विश्वविख्यात काशी की देव दीपावली का विधिवत उद्घाटन किया। 

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वाराणसी पहुंचे सीएम योगी - फोटो : संवाद
देव दिवाली के लिए प्रदेश के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ वाराणसी पहुंच गए हैं। विश्वविख्यात काशी की देव दीपावली का विधिवत उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नमो घाट से किया। यहां मुख्यमंत्री 70 देशों के राजदूत और विदेशी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पहला दीप जलाया। इसके बाद बाकी घाटों पर दीप प्रज्ज्वलन शुरू हुआ। यहां से मेहमानों के साथ वे क्रूज पर सवार होकर घाटों के अप्रतिम छटा निहारने के लिए निकलेंगे। करीब सवा छह बजे सीएम का क्रूज दशाश्वमेध घाट के सामने पहुंचेगा और मनमोहक गंगा आरती के साक्षी बनेंगे। वाराणसी के घाट और सड़कों पर जगह-जगह रंगोली नजर आ रही है। कहीं शिव मंत्र का जाप तो कहीं कथा हो रही है। 
 

नमो घाट पर देव दीपावली पर्व पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देते कलाकार - फोटो : संवाद
वाराणसी में जैसे-जैसे शाम हुई शहर स्वर्ग सा नजर आ रहा है। दोपहर से ही लोग घाटों पर जम गए देवों की दिवाली देखने। दीयों से घाट जगमगा उठे। उत्तरवाहिनी गंगा के तट पर 85 घाटों पर 12 लाख और जन सहभागिता से लगभग 21 लाख से अधिक दीप काशीवासी घाटों, कुंडों, तालाबों और सरोवरों पर जलाएंगे। पर्यटक गंगा पार रेती पर शिव के भजनों के साथ क्रैकर्स शो का भी आनंद ले सकेंगे। गंगा द्वार पर लेजर शो के माध्यम से श्री काशी विश्वनाथ धाम पर आधारित काशी का महत्व और कॉरिडोर के निर्माण संबंधित जानकारी लेजर शो के माध्यम से दिखाई जाएगी।

Dev Diwali Live - फोटो : संवाद
वाराणसी के घाट आज ऐसे प्रतीत हो रहे हैं जैसे आसमान से गंगा के तट पर देवलोक उतर आया हो। देव दीपावली पर इस बार काशी से ''सभी सनातनी एक जाति एक पंथ'' का संदेश पूरी दुनिया को जाएगा। दुनिया के 70 देशों के राजदूतों के सामने 84 घाटों पर होने वाले आयोजनों के जरिये एक भारत श्रेष्ठ भारत, आत्मनिर्भर भारत और सशक्त भारत का स्वरूप प्रदर्शित होगा।
 

देव दीपावली पर जगमगाये घाट - फोटो : संवाद
देव दीपावली पर जगमगाये घाट
देव दीपावली पर घाटों पर दीये अलौकिक छटा बिखेर रहे हैं। जिसे देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गये। शूलटंकेश्वर घाट पर बीना पब्लिक स्कूल लठिया के छात्र छात्राओं ने दीपदान किया। दीपदान के बाद मां गंगा की भव्य आरती की। प्राचीन शिव धाम मंदिर दरेखू बाणासुर मंदिर नरउर, मोहनसराय तालाब, भगवती माता मंदिर अखरी पर लोगों ने दीपदान किया। वहीं देव दीपावली पर लोगों ने अपने घरों व मंदिरों को दीयों से आकर्षक ढंग से सजाया। मानों धरती पर तारे जगमगा रहे हों। 

देव दीपावली के अवसर पर सोमवार को कर्दमेश्वर महादेव के प्रांगण में श्री कर्दमेश्वर महादेव देव दीपावली समिति ने 51 हजार दीपों से बिंदु सरोवर को जगमगाया। देव दीपावली महोत्सव 2023 में श्री कर्दमेश्वर महादेव देव दीपावली समिति द्वारा पंचक्रोशी मार्ग के प्रथम पड़ाव कन्दवा में स्थित अतिप्राचीन धार्मिक स्थल श्री कर्दमेंश्वर महोदव मन्दिर स्थित बिन्दु सरोवर पर 27 नवम्बर को सायं साढ़े पांच बजे देव दीपावली महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया।यहां पर। 51 हजार दीपों को 780 लीटर सरसो के तेल से सैकड़ों कार्यकर्ताओ ने सरोवर के चारो तरफ जय श्रीराम,स्वस्तिक, शिव पार्वती व अन्य लोगो के प्रतिरूप दियो से सजाएं थे।

देव दीपावली महोत्सव के अवसर पर 51 हजार दीपों से सुसज्जित जगगग घाट पर देव आराधना के साथ आसमानी अतिशबाजी का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम के अर्न्तगत मशहूर गीतकारों द्वारा गीत, गजल, भजन, पारम्परिक गीत प्रस्तुती के साथ भक्ति एवं प्रादेशिक गीतों पर आधारित सामूहिक नृत्य व नृत्यनाटिका का आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम में एमएलसी हंशराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, रोहनिया विधायक सुनील पटेल के अलावा पूर्व विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह शामिल रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती सुशीला पटेल समिति संरक्षक डा. प्रेम कुमार शर्मा,राजेन्द्र पटेल पार्षद, कन्दवा प,समिति अध्यक्ष गोपाल जी पटेल पूर्व प्रधान, कन्दवा समिति निदेशक राजेश कुमार सिंह व  जितेन्द्र कुमार केशरी ने बताया कि इस बार देव दीपावली काफी आकर्षक रही।

कार्यक्रम का संचालन डॉ ज्योति सिंह किया।रंजना उपाध्याय के निर्देशन में गणेश वंदना प्रस्तुत किया।स्कूली बच्चों द्वारा सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया।

सुरक्षा के लिए मंडुवाडीह थानाध्यक्ष विमल मिश्रा के अलावा महिला सुरक्षा कर्मी भी मौजूद रही। सूर्य सरोवर बरेका पर छठ  समिति के तरफ से देव दीपावली का आयोजन हर साल की तरह इस साल भी किया गया। यहां पर बरेकाकर्मियों की तरफ से लगभग 10 हजार दिप जलाये गए।जिसमें बरेका परिवार के साथ ही आसपास के लोगो ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

पंचक्रोशी मार्ग पर स्थित रामेश्वर वरुणा घाट सोमवार को गोधूलि बेला में 51 सौ दियो ,बिजली झालरों से जगमगा उठा।  राधा -कृष्ण मंदिर के महंत राममूर्ति दास उर्फ मद्रासी बाबा ,रामेश्वर मन्दिर के पुजारी आचार्य पं0 अनूप त्रिपाठी व् धीरज मिश्र, आदर्श तिवारी ,नव युवा समिति के नेतृत्व में 11 वेद बाल ब्राह्मणों व् आचार्यो द्वारा मन्त्रोच्चार व् शंख ,घड़ी -घण्ट व् डमरू नगाड़ा ध्वनि सहित वरुणा की जय-जयकार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। 

22 लाख दीपों से जगमग हुई काशी
देव दीपावली पर काशी नगरी में लगभग 22 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए गए। काशी के अर्धचंद्राकार घाटों पर ही 12 लाख से अधिक दीप जलाए गए। इनमे एक लाख दीप गाय के गोबर से बने थे। दीप पश्चिमी तट घाटों पर और पूर्वी तट की रेत पर जलाये गए थे। काशी के कुंडों, सरोवरों, गंगा-गोमती तट पर स्थित मार्कण्डेय महादेव, वरुणा नदी के शास्त्री घाट आदि स्थानों को लाखों दीयों से जगमग किया गया। देव दीपावली पर सरकार की ओर से 12 लाख ( एक लाख गोबर के दीप), स्वयंसेवी संस्था और जन सहभागिता से कुल 21 लाख से अधिक दीपों से काशी रोशन हुई।

Dev Diwali Live - फोटो : संवाद
धर्म व अध्यात्म के साथ राष्ट्रीयता का संदेश
देव दीपावली पर काशी के घाटों की श्रृंखला अलग-अलग रंग बिखेरती दिखी। कहीं लेज़र शो का आयोजन हुआ, तो गंगा पार रेत पर ग्रीन एरियल फायर क्रैकर्स शो का देशी और विदेशी सैलानियों ने आनंद लिया। दशाश्वमेध घाट की महाआरती में राम भक्ति और राष्ट्रवाद के साथ आध्यात्मिकता व सामाजिकता की भी झलक दिखी। दशाश्वमेध घाट की महाआरती रामलला को समर्पित रही। भक्तों को यहां रामलला व राम मंदिर की झलक देखने को मिली। दशाश्वमेध घाट पर अमर जवान ज्योति की अनुकृति बनाकर देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। भारत के अमर वीर योद्धाओं को 'भगीरथ शौर्य सम्मान' से सम्मानित भी किया गया। 21 अर्चक व 51 देव कन्याएं ऋधि सिद्धि के रूप में दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की पूजा और आरती की, यह नारी शक्ति का संदेश भी देती रही। 

झालर व दीपोत्सव से डोमरी से रामनगर तक जगमगाता रहा
देवदीपावली पर शहर से लेकर गंगा पार का वीरान क्षेत्र दीपों की रोशनी से जगमगता रहा। जहां रात आठ बजे के बाद लोग नहीं पहुचते थे वही देव दीपावली के कारण आधी रात तक रेती पर लोगों का आवागमन बना रहा।झालरो की रंगबिरंगी लाइट अलग ही छटा बिखेर रही थी,तो कतारबंद्ध सजे दीपो के साथ ही लाखों दीपोत्सव अपने आप में अनोखा रहा।

संवाद - फोटो : संवाद
काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर हुआ लेज़र शो, 11 क्विंटल फूलों से सजाया गया काशी विश्वनाथ धाम
काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर को जिस तरह उद्घाटन के समय सजाया गया था,  वैसे ही देव दीपावली पर 11क्विंटल फूलों से सजाया गया। गंगा द्वार पर लेज़र शो के माध्यम से श्री काशी विश्वनाथ धाम पर आधरित काशी का महत्व और कॉरिडोर के निर्माण संबंधी जानकारी लेज़र शो के माध्यम से दिखाई गई। 

गोधूलि बेला में भव्य देव दीपावली
धार्मिक,आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी में सोमवार की गोधूलि बेला में भव्य देव दीपावली मनाई गई। सूर्यास्त के साथ ही उत्तरवाहिनी जाह्नवी के तट पर लाखों दीपों ने अद्भुत और अलौकिक छटा बिखेरी। काशी के धनुषाकार 85 घाटों पर मानो आकाशगंगा के सितारे उतर आए हों। पूरी काशी दीपों की रोशनी में नहाई दिख रही थी। सभी घाटों पर शंखनाद, भव्य महाआरती और घंट-घड़ियालों की ध्वनि से काशी की धरती पर देवताओं का स्वागत हुआ। काशी के चेत सिंह घाट पर लेजर शो और गंगा पार क्रैकर्स शो का अद्भुत नजारा दिखा। योगी सरकार देव दीपावली को दिव्य और भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेहमानों का स्वागत किया और इनके साथ क्रूज़ पर सवार होकर देव दीपावली की अद्भुत छटा भी देखी।  

धर्म व अध्यात्म के साथ राष्ट्रीयता का संदेश - फोटो : संवाद
धर्म व अध्यात्म के साथ राष्ट्रीयता का संदेश
देव दीपावली पर काशी के घाटों की श्रृंखला अलग-अलग रंग बिखेरती दिखी। कहीं लेज़र शो का आयोजन हुआ, तो गंगा पार रेत पर ग्रीन एरियल फायर क्रैकर्स शो का देशी और विदेशी सैलानियों ने आनंद लिया। दशाश्वमेध घाट की महाआरती में राम भक्ति और राष्ट्रवाद के साथ आध्यात्मिकता व सामाजिकता की भी झलक दिखी। दशाश्वमेध घाट की महाआरती रामलला को समर्पित रही। भक्तों को यहां रामलला व राम मंदिर की झलक देखने को मिली। दशाश्वमेध घाट पर अमर जवान ज्योति की अनुकृति बनाकर देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। भारत के अमर वीर योद्धाओं को 'भगीरथ शौर्य सम्मान' से सम्मानित भी किया गया। 21 अर्चक व 51 देव कन्याएं ऋधि सिद्धि के रूप में दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की पूजा और आरती की, यह नारी शक्ति का संदेश भी देती रही। 

देव दीपावली पर मां गंगा की महाआरती में नारी शक्ति की एक अदभुत तस्वीर भी देखने को मिली। इस वर्ष भव्य रामलला के विराजने से पहले 51 देव कन्याओं द्वारा आरती उतार कर काशी की विश्व प्रसिद्ध देव दीपावली महोत्सव के अयोजन का प्रारम्भ हुआ।

लेजर शो से दिखाई गई कॉरिडोर के निर्माण संबंधी जानकारी

काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर को जिस तरह उद्घाटन के समय सजाया गया था,  वैसे ही देव दीपावली पर 11 क्विंटल फूलों से सजाया गया। गंगा द्वार पर लेजर शो के माध्यम से श्री काशी विश्वनाथ धाम पर आधरित काशी का महत्व और कॉरिडोर के निर्माण संबंधी जानकारी लेजर शो के माध्यम से दिखाई गई। 

जल, थल और नभ में रही अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था

देव दीपावली पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाटों को 8 जोन, 11 सेक्टर और 32 सब सेक्टर में बांटा गया था। कई चक्र में सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए थे। घाटों, नदियों और सड़क पर सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, इमरजेंसी प्रबंधन, क्यूआरटी, इंट्री एंड एग्जिट को लेकर पूरी तैयारी का खाका पहले से ही तैयार किया गया था। 

देश व दुनिया का स्प्रिचुअल इवेंट: सीएम योगी आदित्यनाथ

काशी के लोकप्रिय सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण देव दीपावली का कार्यक्रम न केवल काशी, बल्कि देश व दुनिया का स्प्रिचुअल इवेंट बन गया है। दो वर्ष पहले काशी की देव दीपावली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी स्वयं सहभागी बने थे। आज देव दीपावली में लाखों दीप जल रहे हैं। इस कार्यक्रम के साक्षी दुनिया के 70 देशों के राजनयिक बने हैं यानी प्रधानमंत्री के कारण 70 देशों की उपस्थिति एक साथ काशी में हुई है। 
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सीएम ने राजनयिकों का किया स्वागत

सीएम ने कहा काशी अविनाशी है। यह देवाधिदेव महादेव बाबा विश्वनाथ का धाम है। मनुष्य अमावस्या को दीपावली मनाते हैं तो पूर्णिमा की तिथि देवताओं की दीपावली है। देव दीपावली आज के दिन कई सौ वर्षों से यहां की परंपरा का हिस्सा रहा है। सीएम ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताते हुए बाबा विश्वनाथ के पावन धाम में मां गंगा के सानिध्य में सभी राजनयिकों का स्वागत किया।
 
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