एक दिन पूर्व 84 घाट, 96 कुंड, 53 घाटों पर महाआरती के साथ 25 लाख दीये जले। देव दीपावली के अलावा कार्तिक पूर्णिमा के स्नान पर सुबह से दोपहर तक नावें गंगा में चलती रही। इस दौरान किराया कम था। शाम के समय किराया पांच गुना हो गया था। मां गंगा निषादराज सेवा न्यास के पदाधिकारी राकेश साहनी ने कहा कि प्रत्येक नाव पर 80 से 100 लोग बैठे रहे।
नहीं चलने दी गईं 600 नावें
देव दीपावली पर सुरक्षा कारणों के चलते 600 छोटी नावें पुलिस ने नहीं चलने दी। हाथ से चलने वाली चप्पू की नाव देव दीपावली पर गंगा में नहीं चलीं। उधर जल पुलिस के प्रभारी राजकिशोर ने बताया कि 20 क्रूज और तकरीबन 2000 छोटी, बड़ी नावों से लोगों ने देव दीपावली पर गंगा आरती देखी है। प्रति क्रूज पर 50 से 60 लोग बैठे रहे।