मजदूर लगातर सिल्ट को कर रहे समतल
अस्सी घाट पर मजदूर लगाकर सिल्ट को समतलीकरण किया गया। तुलसीघाट पर सफाई चल रही है। कई खंभों पर कैमरे लगाए जा रहे हैं। बैरिकेडिंग के अलावा यहां तेल और बाती भी पहुंच गई। पेटिंग चल रही है। जलस्तर बढ़ने के कारण जानकी घाट पर बैरिकेडिंग की गई। पंपवा घाट पर गंदगी है जबकि प्रभु घाट पर सिल्ट है। झालरों से भवनों को सजाया जा रहा है। बोर्ड लगाया गया है आगे गहरे पानी में न जाएं।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 13 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रात 9 बजे गंगा का जलस्तर 62.41 मीटर दर्ज किया गया था। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। दो नवंबर को जलस्तर 62.28 मीटर रहा। गंगा घाटों पर अब पर्यटकों और सैलानियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई है।
घाटों का आपस में एक बार फिर संपर्क टूट गया है। भदैनी घाट से लोग अब जानकी घाट तक नही जा पा रहे है। वहीं, निषाद राज घाट पर गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण बहुत ही कम जगह बची है। जिससे देव दीपावली पर भीड़ बढ़ने के कारण हादसे होने की आशंका बढ़ गई है। शिवाला घाट से हनुमान घाट के बीच भी दिक्कतें बढ़ गई है। पम्पवा घाट से भदैनी घाट के बीच बैरिकेटिंग लगाई गई है।
घाटों पर दीपमाला बनना के लिए गंगा घाटों पर दीप तेल और बतिया जिला प्रशासन की तरफ से सोमवार की दोपहर घाटों पर पहुचना शुरू हो गया है। वही नाविक अपनी नावों और बजड़ों की सजावट के लिए रंग रोगन का काम अंतिम चरण में है। घाटों पर नगर निगम की तरफ से रंग रोगन का काम कराया जा रहा है। घाटों पर झालरें लग गई है।