काशी की उत्सवधर्मिता में पीएम मोदी ने एक नया अध्याय जोड़ दिया है। न भूतो न भविष्यति की तर्ज पर उत्तरवाहिनी की लहरों पर दीपों का नवसंसार सृजित हुआ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुनिया को काशी की विश्वविख्यात देव दीपावली के नए स्वरूप से रूबरू कराया।
दीपोत्सव की आभा संग पीएम ने काशी के विकास में चार नहीं बल्कि हजार चांद लगा दिए। सात राजयोग और सिद्धयोग में प्रधानमंत्री ने दीप जलाकर आदि विश्वेश्वर से देश के उत्कर्ष की कामना की तो काशीवासियों को भी ऊर्जा से भर दिया।
कोरोना काल में गंगा तट पर लाखों लोगों की मौजूदगी ने ना केवल दुनिया को अनुशासन का संदेश दिया, बल्कि देव दीपावली के भव्य आयोजन ने पूरी दुनिया को एक बार फिर काशी की ओर आकर्षित किया है। सोमवार को कोरोना काल में देव दीपावली महोत्सव के आयोजन को देश ही नहीं दुनिया के 135 देशों इस आयोजन के गवाह बने।
प्रधानमंत्री की मौजूदगी में काशी ने अनुशासन के साथ दुनिया को उत्सवधर्मिता का संदेश भी दिया। काशी के अर्द्धचंद्राकार घाटों ने दीपों का चंद्रहार पहना तो गंगा पार रेती पर भी दीपमालिकाओं का बिछौना सजा। ऐसे में एक बार फिर दुनिया भर के पर्यटक काशी के लिए रिझेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देव दीपावली समारोह में शामिल होने से ब्रांड बनारस दुनिया में मजबूत हुआ। दीपों से सजे घाटों पर लेजर शो की चकाचौध ने प्राचीन नगरी के आधुनिक स्वरुप को दुनिया के सामने रखा। पीएम ने गंगा में जल विहार कर काशी के पर्यटन को पंख लगाएं हैं।
उम्मीद है कि आने वाले समय में बनारस में ना केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि काशी की नई पहचान बनेगी। उधर, बौद्ध धर्मावलंबियों की आस्था के प्रमुख केंद्र सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो ने शांति के संदेश का विस्तार कर दिया है।