शहर में स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव के लिए किसी एक एजेंसी पर निर्भरता जल्द खत्म होगी। अब जोनवार स्ट्रीट लाइटों की निगरानी की जाएगी। ताकि विशेष परिस्थितियों में केवल एक जोन की स्ट्रीट लाइटें प्रभावित हों। प्रभारी अधिकारी आलोक ओपी सिंह ने बताया कि स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराया जा रहा है। देव दीपावली से पहले सभी घाटों और कुंडों की स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराने का काम पूरा होगा। इसके लिए जोनवार सर्वे चल रहा है। इस दौरान जो खराब लाइटें होंगी उन्हें बदला जाएगा। जहां तार छूटे होंगे। उनके तार जोड़े जाएंगे।
बता दें कि पूर्व में ईईएसएल और नगर निगम के बीच बनी समन्वय समिति ने पूरे शहर का भ्रमण कर खराब लाइटों के बारे में अपनी रिपोर्ट नहीं दी थी। जिसके कारण से मेयर अशोक कुमार तिवारी के कहने पर ईईएसएल को हटा दिया गया है। अब नगर निगम अपने संसाधनों से लाइटों को ठीक कराने में जुटा है। इसके लिए पार्षदों को भी जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने-अपने इलाकों की खराब लाइटों को दुरुस्त कराएं। इसके लिए प्रत्येक पार्षदों को 7-7 लाख रुपये दिए गए हैं। एक स्ट्रीट लाइट की कीमत तकरीबन पांच हजार रुपये है। इस हिसाब से एक वार्ड में 140 स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।