बरसात के मौसम के बाद जैसे ही ठंड का मौसम शुरू हुआ, एक-एक कर बीमारियों का प्रकोप शुरू हो गया है। अब तक जिले में जहां 230 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं, वहीं 67 मरीज मलेरिया के भी हैं। हालांकि ये वो आंकड़े हैं, जो कि सरकारी रिकार्ड में दर्ज हो रहे हैं, बहुत से ऐसे मरीज भी हैं, जिनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है।
डेंगू, मलेरिया के साथ ही अब स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। इधर आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के वीडीआरएल लैब में स्वाइन फ्लू के सैंपल की जांच भी शुरू हो गई है।
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बरसात के मौसम के बाद जैसे ही ठंड का मौसम शुरू हुआ, एक-एक कर बीमारियों का प्रकोप शुरू हो गया है। अब तक जिले में जहां 230 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं, वहीं 67 मरीज मलेरिया के भी हैं। हालांकि ये वो आंकड़े हैं, जो कि सरकारी रिकार्ड में दर्ज हो रहे हैं, बहुत से ऐसे मरीज भी हैं, जिनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। इसको लेकर कई बार सीएमओ की ओर से जांच केंद्रों से जुड़े लोगों को चेतावनी भी जारी की जा चुकी है। इस बीच स्वाइन फ्लू की पूर्वांचल में दस्तक के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि आईएमएस बीएचयू में स्वाइन फ्लू के सैंपल की जांच की सुविधा है। फिलहाल अभी कोई मरीज तो जिले में नहीं मिला है लेकिन जिस तरह से अन्य जिले में मरीज मिलने लगे हैं, उससे बचाव के लिए जागरूकता की मुहिम चलाई जाएगी। अस्पताल में भी लोगों को इससे बचाव की जानकारी दी जाएगी।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
बीएचयू में आसपास के जिलों के जांच की भी जिम्मेदारी
आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी लैब से जुड़े डॉ. गोपाल नाथ ने बताया कि डेंगू, मलेरिया के साथ ही वीडीआरएल लैब में स्वाइन फ्लू जांच की सुविधा है। यहां गाजीपुर, चंदौली, भदोही, जौनपुर आदि जिलों से सैंपल भी जांच के लिए आते हैं। संबंधित जिले के अधिकारियों को रिपोर्ट से अवगत कराया जाता है।