ठंड का मौसम आते ही डेंगू-मलेरिया के मरीज मिलने लगे हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम के साथ मिलकर इससे निपटने की तैयारियों में जुट गया है। पहले से संवेदनशील क्षेत्रों की सूची बनाकर वहां एंटी लार्वा का छिड़काव करने के साथ ही संदिग्ध मरीजों के मिलने के बाद उनका एलाइजा टेस्ट भी कराया जा रहा है। साथ ही अस्पतालों में अलग डेंगू वार्ड भी बनाया जा रहा है।
राहत की बात है कि अभी तक डेंगू के दो पुष्ट मरीज मिले हैं जबकि अलग-अलग जगहों से पांच से अधिक संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनकी एलाइजा रिपोर्ट आनी बाकी है। पहला मरीज शिवदासपुर में आईएमएस बीएचयू के प्रोफेसर के बाद अब पांडेयपुर निवासी 45 वर्षीय चिकित्सक में डेंगू की पुष्टि हुई है। आम तौर पर सितंबर से नवंबर तक वेक्टर जनित रोगों की संभावना अधिक रहती है। अस्पताल पहुंचने वाले ऐसे मरीज, जिन्हें लंबे समय से बुखार और सिरदर्द की समस्या बनी हुई है, उन्हें डॉक्टर डेंगू, मलेरिया की जांच कराने के लिए कह रहे हैं। अब तक इस साल मलेरिया के जहां 32 नए मामले मिल चुके हैं, वही डेंगू का एक केस रिकॉर्ड किया गया है।
दीनदयाल और बीएचयू में है जांच की व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू और मलेरिया के लिए सैंपल जांच की नि:शुल्क व्यवस्था आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी लैब और दीनदयाल अस्पताल में है। जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय ने बताया कि इसमे रैपिड जांच की रिपोर्ट तुरंत आती है, जबकि एलाइजा जांच में दो दिन का समय लगता है। दोनों जगहों पर अब तक करीब 30 सैंपल की जांच हो चुकी हैं। रैपिड जांच के बाद ही मरीजों का इलाज शुरू हो जाता है। बीएचयू पर वाराणसी के साथ ही आसपास के जिलों के जांच की जिम्मेदारी है। इसके अलावा निजी लैब में भी एलाइजा जांच होती है।
डेंगू के लक्षण
कई दिनों तक तेज बुखार आना
सिरदर्द और जोड़ों में दर्द बने रहना
मांसपेशियों में खिंचाव, खुजली, लाल चकत्ते पड़ना
भूख न लगना, थकावट महसूस होना।
ऐसे करें बचाव
शरीर को ढककर रखें
घर के आसपास औऱ कूलर में साफ पानी इकठ्ठा न होने दे।
डेंगू का मच्छर दिन में काटता है, ऐसे में दिन में ज्यादा सतर्क रहें।
मसालेदार भोजन से बचें, अधिक से अधिक सुपाच्य भोजन ले
कंट्रोल रूम को दे सकते हैं जानकारी
जिले में एंटी लार्वा का छिड़काव, फागिंग आदि कराए जाने के बारे में कोई भी जानकारी कंट्रोल रूम सिगरा को दी जा सकती है। नगर आयुक्त गौरांग राठी ने बताया कि कंट्रोल रूम के नंबर 1077 पर जानकारी देने के बाद तुरंत समस्या का समाधान कराया जाएगा।