डेंगू का प्रकोप इतना अधिक बढ़ गया है कि इसकी चपेट में बड़ों के साथ ही बच्चे बड़ी तेजी से आते जा रहे हैं। रविंद्रपुरी स्थित पीएमसी हॉस्पिटल में भर्ती बच्चे मयंक की मौत के बाद परिजनों ने हंमामा मचाया। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उधर सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह समझाबुझाकर मामला शांत कराया। उधर हॉस्पिटल के निदेशक ने इलाज में लापरवाही के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि बच्चे का हर संभव बेहतर इलाज किया गया।
पीएमसी हॉस्पिटल के सामने बस्ती में रहने वाले समाचार पत्र विक्रेता सुनील के बेटे मयंक को डेंगू हुआ था। परिजनों के मुताबिक बच्चे को बुखार होने के बाद जांच कराई गई तो उसमें डेंगू की पुष्टि हुई। पीएमसी हॉस्पिटल में लाकर भर्ती कराया गया, यहां बेटे की सेहत में सुधार नहीं होने पर उन्होंने पीएमसी हॉस्पिटल के इंचार्ज से डिस्चार्ज करने की बात कही। आरोप लगाया कि कई बार कहने के बाद भी इंचार्ज ने डिस्चार्ज नहीं किया, इस वजह से बेटे की मौत हो गई। उधर पीएमसी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. संजय चौरसिया ने बताया कि परिजन बाहर से जांच कराकर आए थे। उसका प्लेटलेटस बहुत कम था। उसका बेहतर इलाज किया गया। परिजनों की मांग पर बच्चे को रेफर कर अस्पताल की एंबुलेंस से बीएचयू भिजवाया गया।