जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय के अनुसार, 2022 में अब तक कुल 446 मरीज मिल चुके हैं। 2020 में कोरोना काल में केवल 15 मरीज जबकि 2021 में 352 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या में पिछले दो साल की तुलना में इजाफा हुआ है। इस साल अगस्त से अब तक सबसे अधिक 446 मरीज मिल चुके हैं। 100 से अधिक मरीजों ने अस्पताल में भर्ती होकर इलाज भी कराया। इसमें 18 साल से कम उम्र वाले 20 से अधिक बच्चे भी हैं।
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बरसात में जगह-जगह जलभराव से मच्छर पनपते हैं। इसी समय से डेंगू के मरीज भी मिलने लगते हैं। अगस्त के दूसरे सप्ताह से मरीजों के मिलने का सिलसिला शुरू हुआ। नवंबर में डेंगू का प्रकोप अधिक देखने को मिला। शहरी इलाकों में 350 मरीज मिले जबकि ग्रामीण में मरीजों की संख्या 96 रही।
जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय के अनुसार, 2022 में अब तक कुल 446 मरीज मिल चुके हैं। 2020 में कोरोना काल में केवल 15 मरीज जबकि 2021 में 352 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
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सात दिसंबर के बाद नहीं मिले मरीज
एससी पांडेय ने पांडेय ने बताया कि सात दिसंबर के बाद एक भी मरीज नहीं मिला है। आम तौर पर ठंड बढ़ने के साथ ही मच्छरों का प्रकोप कम होेने लगता है। इसके बाद भी लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। घर के आसपास पानी न जमा होने देने के साथ ही घर में पूरी बांह का कपड़ा पहनकर रहना चाहिए।