स्ट्रेन म्यूटेशन की वजह से ही मिल रहे मामले
आईएमएस बीएचूय के प्रो. गोपालनाथ ने बताया कि आम तौर पर बरसात के मौसम में डेंगू की संभावना अधिक रहती है, लेकिन स्ट्रेन में म्यूटेशन की वजह से ही गर्मी में कुछ मामले देखने को मिल रहे हैं। डेंगू के चार स्ट्रेन होते हैं। डेन 1 से 4 तक। इसमें स्ट्रेन का म्यूटेशन वातावरणीय बदलाव के कारण होता रहता है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एससी पांडेय का कहना है कि रेड जोन और यलो जोन में विशेष अभियान चलाकर फाॅगिंग भी करवाई जाएगी।
दिन में भी लग रहे हैं मच्छर 125 हॉटस्पॉट बने
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरों से बचाव के लिए फाॅगिंग का दावा तो किया जाता है, लेकिन मच्छरों का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। इस समय 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी मच्छर रात के साथ ही दिन में भी काट रहे हैं। ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहर में अधिक हॉटस्पॉट बनाए गए हैं। वर्तमान में जिले में 125 हॉटस्पाॅट बनाए गए हैं। गांवों में 56 हॉटस्पॉट (रेडजोन 32, यलो जोन 24) और शहरी इलाके में 69 (रेडजोन 36, यलो जोन 33) जगहों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है।
पिछले 3 साल में डेंगू के मरीज
2025 39 (अब तक)
2024 425
2023 491
2022 562