आईएमएस बीएचयू में सीएसआर के तहत मशीनों की खरीददारी पर सवाल उठने लगे हैं। सत्येंद्र कुमार नाम के अधिवक्ता ने ईमेल से कमिश्नर, जिलाधिकारी, सीडीओ को ईमेल के माध्यम से इसकी शिकायत कर जांच की मांग की है। शिकायत की कॉपी बीएचयू के कुलपति को भी भेजी गई है। इसमें मशीनों की खरीदारी में नियमों का पालन न करने का जिक्र किया गया है।
आईएमएस में मशीनों की खरीदारी को लेकर पिछले साल 19 दिसंबर 2025 को सीडीओ प्रखर कुमार सिंह ने ओएनजीसी के अध्यक्ष को एक पत्र भेजकर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का हवाला देते हुए सीएसआर के तहत आईएमएस बीएचयू, ट्रॉमा सेंटर, सीएमओ वाराणसी के साथ बैठक कर यहां मरीजों की जरूरत के हिसाब से कुछ उपकरणों की खरीदारी की बात कही थी।
इसी के तहत ओएनजीसी ने सीएसआर के तहत धनराशि भी दी। अब जो मशीन सीएसआर के मद से खरीदी गई है, उस पर सवाल खड़ा करते हुए इसकी शिकायत भी सीडीओ के साथ ही डीएम, कमिश्नर को की गई है। शिकायत में आईएमएस बीएचयू में सीएसआर सेल के गठन में एक अधिकारी के चेयरमैन बनाने पर भी सवाल खड़ा करते हुए कहा गया कि मशीनों की खरीददारी संबंधी कागजात पर भी उसी अधिकारी के हस्ताक्षर है, जिसने सेल का गठन किया।
अधिवक्ता ने अपनी शिकायत में एयरबार्न बायोलोड कंट्रोल सिस्टम की खरीदारी में एम्स नई दिल्ली, श्रीनगर मेडिकल कालेज में खरीदे गए रेट से आईएमएस में सर्वाधिक दाम पर खरीदने का जिक्र किया है। कहा कि जेम के नियमों का भी पालन नहीं किया गया है। साथ ही बिल में भी गड़बड़ी की आशंका जताई है। इस पूरे प्रकरण में जिला प्रशासन और कुलपति से जांच की मांग की गई है।
बीएचयू में सीएसआर प्रकोष्ठ गठित, प्रो.निर्मल डे बने प्रोफेसर इंचार्ज
आईएमएस में सीएसआर फंड से मशीन खरीद की शिकायत के बीच शुक्रवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीएसआर प्रकोष्ठ का गठन कर दिया है। इसमें कृषि विज्ञान संस्थान के मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभाग के प्रो. निर्मल डे को पहला प्रोफेसर इंचार्ज बनाया गया है। यह प्रकोष्ठ दो साल के लिए बनाया गया है। कुलपति प्रो.अजित कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि यह प्रकोष्ठ उद्योग एवं कॉरर्पोरेट संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ अनुसंधान, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, कौशल विकास, सतत विकास तथा नवाचार जैसे उच्च प्रभाव वाले क्षेत्रों में सहयोग को प्रोत्साहित करेगा। साथ ही कॉरर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व से संबंधित गतिविधियों में बेहतर समन्वय, पारदर्शिता तथा कार्यकुशलता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करेगा। सीएसआर प्रकोष्ठ के संचालन में कुलपति की अध्यक्षता में गठित एक परामर्शदात्री समिति सहयोग प्रदान करेगी। समिति में कुलसचिव, वित्त अधिकारी, उद्योग जगत के विशेषज्ञ सदस्य के रूप में शामिल होंगे।