मिशन यूपी की तैयारी के बीच भाजपा ने अपने सांगठनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। सांगठनिक दृष्टि से बंटे आठ क्षेत्र को अब घटाकर छह कर दिया गया है। साथ ही कई क्षेत्रीय अध्यक्ष और संगठन मंत्रियों का कार्यक्षेत्र बदल दिया गया है। हालांकि काशी क्षेत्र के अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य की कुर्सी बरकरार है जबकि काशी क्षेत्र के संगठन मंत्री चंद्रशेखर को हटा दिया गया है। चंद्रशेखर अब पश्चिम क्षेत्र में संगठन मंत्री की जिम्मेदारी संभालेंगे जबकि बुंदेलखंड के क्षेत्रीय संगठन मंत्री रत्नाकर को काशी क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनका कार्यकाल तीन साल का होगा।
मालूम हो कि बुंदेलखंड को पूर्ववत कानपुर में और बरेली को पूर्ववत बृज क्षेत्र में शामिल कर दिया गया है। साथ ही नए सिरे से इनके अध्यक्ष और संगठन मंत्रियों की घोषणा भी कर दी गई है। अध्यक्षों की नियुक्त में अगड़ों, पिछ़ड़ों व दलित के गठजो़ड़ के सामाजिक समीकरणों का भी ध्यान रखा गया है। जिससे साफ होता है कि पार्टी ने भविष्य की जरूरतों के लिहाज से काम करना शुरू कर दिया है। क्षेत्रीय अध्यक्षों में एक ब्राह्मण, एक ठाकुर, एक कुर्मी, एक लोध और एक जाट का तथा एक अनुसूचित जाति का है।
लक्ष्मण आचार्य को काशी, उपेन्द्र शुक्ल को गोरखपुर, मुकुट बिहारी वर्मा को अवध व भूपेन्द्र चौधरी को पश्चिम क्षेत्र का अध्यक्ष बनाए रखा गया है। मानवेंद्र सिंह को कानपुर-बुंदेलखंड का नया अध्यक्ष घोषित किया गया है। बृज क्षेत्र के अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल की जगह बीएल वर्मा को बृज क्षेत्र का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों में शिवकुमार पाठक को गोरखपुर व ओम प्रकाश को कानपुर-बुंदेलखंड का क्षेत्र संगठन मंत्री बनाए रखा गया है। भवानी को बृज क्षेत्र का संगठन मंत्री बनाया गया है। गंगा मिशन का काम देख रहे बृज बहादुर को अवध क्षेत्र के संगठन मंत्री अशोक तिवारी के स्थान पर नियुक्त किया गया है।