इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश के पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीशों के लिए मध्यस्थता तकनीकों पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सर्किट हाउस सभागार में हुआ। इसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल की अध्यक्षता में पारिवारिक न्यायालय मामलों का संवेदीकरण, मध्यस्थता और सुलह केंद्र समिति, इलाहाबाद के सहयोग से आयोजित किया गया है। पारिवारिक न्यायालय मामलों के संवेदीकरण समिति के सदस्य न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर और वाराणसी के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मौजूद रहे।
प्रशिक्षण में पारिवारिक विवादों को मध्यस्थता से निपटाने पर जोर दिया गया। साथ ही मध्यस्थता की तकनीक पर चर्चा हुई। मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम में वाराणसी के साथ आज़मगढ़, बलिया, भदोही के ज्ञानपुर, चंदौली, देवरिया, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, मिर्जापुर, प्रतापगढ़ और सोनभद्र के पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश शामिल हैं। वाराणसी के जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश ने उद्घाटन सत्र में सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। प्रशिक्षण देने वालों में सुप्रीम कोर्ट के मध्यस्थता और सुलह परियोजना समिति के विशेषज्ञ मध्यस्थता प्रशिक्षक अनूप कुमार श्रीवास्तव, नीरज उपाध्याय, राजलक्ष्मी सिन्हा और संदीप सक्सेना शामिल हैं।