पहली बार वाराणसी आईं देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को यहां कहा कि सेना हर स्थिति से निबटने के लिए तैयार और सक्षम है। देशवासी बिल्कुल निश्चिंत रहें। पड़ोसी के नापाक इरादे कभी कामयाब नहीं होंगे।
पत्रकारों से मुखातिब रक्षा मंत्री ने कश्मीर सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से सीज फायर के उल्लंघन के सवाल के जवाब में ये बातें कहीं। डोकलाम विवाद पर उन्होंने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मुद्दा है और इस पर स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। भारत की पहले से तय नीति में कोई बदलाव नहीं हो रहा है।
बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित कैंटोनमेंट बोर्ड के स्वच्छता सम्मान कार्यक्रम में आईं रक्षा मंत्री ने ओडीएफ घोषित हुए मध्य कमान के वाराणसी सहित 10 छावनी बोर्डों को प्रमाणपत्र दिया। स्वच्छता अभियान में मजबूत भागीदारी के लिए उनकी सराहना की।
बताया कि रक्षा मंत्रालय ने स्वच्छता अभियान के लिए तीन चरण तय किए हैं। कैंटोनमेंट बोर्ड और उनके आसपास जो भी नगर निकाय के वार्ड हैं, उन्हें ओडीएफ कर स्वच्छता की सुनिश्चित की जाएगी। सॉलिड और लिक्विड वेस्ट के निस्तारण की मैकनाइज्ड व्यवस्था की जाएगी। वाटर री-साइकिलिंग पर भी काम होगा। इसका ब्लू प्रिंट तैयार हो चुका है।
कहा कि गंदगी से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। पर्वतीय इलाके हों या फिर आध्यात्मिक-सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्र। वहां स्वच्छता सुनिश्चित होनी चाहिए और इसके लिए हर किसी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। हमें बिल्कुल हक नहीं है कि वहां कूड़ा फैलाएं।
हम उनकी खूबसूरती को बरकरार रखेेंगे तभी आने वाली पीढ़ियां भी उन्हें महसूस कर पाएंगी। स्वच्छता के जरिए हम देश को आगे बढ़ाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। बताया कि 15 सितंबर से दो अक्तूबर तक ऐसे इलाकों में रक्षा मंत्रालय की ओर से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
यह अभियान केवल आबादी वाले क्षेत्रों तक नहीं बल्कि पर्वतीय इलाकों में भी चलेगा। सेना के कार्य स्थलों पर भी यह मुहिम चलाई जाएगी। कहा कि स्वच्छता अभियान को वर्ष 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।