पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति उपवन स्थल से पड़ाव चौराहे तक बरसात के पानी की निकासी की समस्या अब जल्द ही राहत मिलेगी। रेलवे लाइन के नीचे से निकासी के लिए रेलवे ने अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया है। विकास प्राधिकरण ने रेलवे के खाते में 33 लाख रुपये जमा कर दिए। अब इस योजना में 50 लाख रुपये और खर्च होंगे। ट्रैंचलेस वे-लीव परमिशन के मिलने के बाद वीडीए काम की तैयारी में जुट गया है।
दरअसल, पड़ाव चौराहे के दूब क्षेत्र में बरसात के बाद जल जमाव हो जा रहा था जिससे चौराहे से लेकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति उपवन स्थल का पूरा इलाका डूब जा रहा था। पहले भगवान अवधूत राम आश्रम के बगल की बाउंड्री से पानी की निकासी हो जाती थी, लेकिन ढेर सारी जगहों पर निर्माण होने से बहाव क्षेत्र का स्वरूप प्रभावित हुआ, जिससे जलभराव की समस्या होने लगी। बाद में वीडीए ने जलनिकासी का खाका तैयार करते हुए इसे पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति उपवन स्थल से सटी रेलवे लाइन के नीचे से ले जाने का फैसला लिया और रेलवे से एनओसी मांगी। करीब एक साल से अधिक समय बाद उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने वीडीए को एनओसी दे दी। उधर, एनओसी मिलने के बाद रेलवे के खाते में वीडीए ने 33 लाख रुपया जमा करते हुए ट्रैंचलेस पद्धति से रेलवे लाइन के नीचे से पाइप लाइन गुजारने का खाका तैयार किया है।
वीडीए वीसी ईशा दुहन ने बताया कि तीन चैम्बरों के जरिए पड़ाव व उसके आसपास के इलाके का बरसाती पानी सीधे गंगा में गिरेगा। उन्होंने बताया कि करीब 50 लाख से अधिक इस पर खर्च होंगे। रेलवे से एनओसी मिलने के बाद अब यहां जल निकासी के लिए बनी बाधा खत्म हो गई है।
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फिर वीडीए के वित्त नियंत्रक बने अमित कुमार
करीब ढाई माह के इंतजार के बाद शुक्रवार को विकास प्राधिकरण में वित्त नियंत्रक की तैनाती हुई। शासन ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव को वीडीए के वित्त नियंत्रक का अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। वित्त नियंत्रक रहे सदानंद मिश्रा की कोविड-19 से मौत होने के बाद अब तक वित्त नियंत्रक की जिम्मेदारी वीडीए के सचिव संभाल रहे थे। शासन से आदेश के बाद शुक्रवार की दोपहर अमित कुमार श्रीवास्तव वीडीए पहुंचे और वित्त नियंत्रक का चार्ज ले लिया। बता दें कि सदानंद मिश्रा से पूर्व वीडीए के वित्त नियंत्रक अमित कुमार श्रीवास्तव ही थे।