जंतु विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एसके चौबे
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बीएचयू में जंतु विज्ञान विभाग की छात्राओं पर अश्लील कमेंट करने के आरोप में निलंबित और फिर बाद में बहाल प्रोफेसर शैल कुमार चौबे को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई है। दिल्ली में शुक्रवार को कार्यकारिणी परिषद की बैठक में इसका फैसला हुआ। इसके अलावा शिक्षकों, अधिकारियों के नियुक्ति से जुड़े लिफाफे भी खोले गए।
कुलपति प्रोफेसर राकेश भटनागर की अध्यक्षता में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। प्रोफेसर चौबे पर वर्ष 2018 में पुणे में शैक्षणिक टूर के दौरान अश्लील कमेंट करने की शिकायत छात्राओं ने की थी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें निलंबित करते हुए मामले की जांच पहले वीमेंस ग्रीवांस सेल और फिर आईसीसी (इंटरनल कम्प्लेन कमेटी) से कराई।
करीब एक महीने से अधिक समय तक चली जांच में आईसीसी ने अपनी रिपोर्ट कुलपति को दी थी। इसके बाद मामले को जून में कार्यकारिणी परिषद में रखा गया । तब प्रोफेसर चौबे को केवल चेतावनी जारी कर एक मौका देने का निर्णय हुआ।
इस बीच जुलाई में प्रोफेसर चौबे विभाग में आने लगे तो छात्राओं ने इसका विरोध करते हुए इसी महीने 15-16 सितंबर को सिंहद्वार पर धरना दिया। कुलपति ने मामले को अगले कार्य परिषद की मीटिंग में रखने का आश्वसन दिया था। सूत्रों की माने तो शुक्रवार को हुई बैठक में मामले में लंबी बहस भी हुई। जिसके बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति का फैसला हुआ।