शंकुलधारा पोखरे सहित कई तालाबों में गंदगी
शंकुलधारा पोखरे में पिंडदान के दौरान लोग सिंदूर, हल्दी सहित केमिकल युक्त सामान डाल देते हैं। इसका असर जलीय जंतुओं पर पड़ता है। शहर में 63 कुंड और तालाब हैं। ज्यादातर कुंडों में गंदगी है।
इससे अक्सर मछलियों और कछुओं की मौत होती है। मूर्ति विसर्जन और पूजा पाठ का सामान डालने से केमिकल चला जाता है। साथ ही लोग कपड़े तालाबों में कपड़े धुलते हैं। इससे भी गंदगी बढ़ती है।
कुंडों और तालाबों से कछुओं को रेस्क्यू किया जाएगा
कछुआ की मौत के बाद वन विभाग ने शहर के सभी तालाबों का सर्वे कराने का योजना बनाई है। विभाग के अधिकारी ने बताया कि कुंडों और तालाबों से कछुआ को रेस्क्यू कर उसे संरक्षित किया जाएगा।