हमारे लिए यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
जल पुलिस प्रभारी इंस्पेक्टर एसआर गौतम ने कहा कि नाविकों की क्या मांग मानी गई, इसकी जानकारी नहीं है। हमारे लिए नाव पर सवार होने वाले यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
किसी भी नाव पर लाइफ जैकेट के बगैर यात्री मिलेंगे या ओवरलोडिंग मिलेगी तो जल पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी। सुरक्षा के लिहाज से किशोरों द्वारा नाव संचालन भी नहीं होने दिया जाएगा। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए नाव संचालन करने वाले नाविकों के साथ जल पुलिस चौबीसों घंटे खड़ी मिलेगी।
लगभग 12 लाख रुपये का कारोबार प्रभावित
गंगा में प्रतिदिन 2500 छोटी-बड़ी नावों और क्रूज का संचालन होता है। अनुमान के मुताबिक महाकुंभ के पलट प्रवाह के इन दो दिनों में करीब 12 लाख रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। गंगा में छह बड़े क्रूज जबकि 500 बड़े बजड़ों और नावों का संचालन होता है।
दूसरे दिन बंद का आंशिक असर, क्रूज और नावें चलीं
मां गंगा निषादराज सेवा न्यास के आह्वान पर बंदी के दूसरे दिन आंशिक असर रहा। मंगलवार की सुबह से ही क्रूज और नावों का संचालन शुरू हो गया था। छोटे नाव संचालकों ने बताया कि बड़े नाव वालों के पास बहुत पैसा है, वो नाव खड़ी कर खा सकते हैं। लेकिन, जिनके पास छोटी नावें हैं, वे आजीविका के लिए इसी पर निर्भर हैं। इसलिए दो दिन तक नाव खड़ा कर पाना संभव नहीं है।
अब नगर निगम नहीं जारी करेगा नावों का लाइसेंस
अब नगर निगम की ओर से नावों का लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण अधिनियम 2023 के तहत गंगा में नावों, मोटरबोट और क्रूज का संचालन किया जाएगा।
इस प्राधिकरण में परिवहन विभाग, वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, पर्यटन विभाग, नगर निगम, जल पुलिस, पुलिस विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग, आईडब्लूएआई की ओर से नामित सदस्य होंगे। इनकी ओर से नदियों में संचालित होने वाले सभी प्रकार के नावों का किराया और सुरक्षा मानक तय होंगे।