एमएमवी की छात्रा प्राची सिंह की फाइल फोटो।
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आरोप- कॉलेज परिसर में इलाज की कोई व्यवस्था ही नहीं
बीएचयू के एमएमवी चौराहे के बाहर देर रात तक चले विरोध के दौरान छात्राओं ने आरोप लगाया कि एमएमवी कैंपस में प्राथमिक इलाज की भी सुविधा नहीं है। कहा कि परिसर में समय पर प्रारंभिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होती तो शायद छात्रा की जान बचाई जा सकती थी। एमएमवी, वीकेएम, एएमपीजी, डीएवी, वीकेएम और आरजीएससी में प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड) के लिए विशेष कक्ष बनाया जाए।
छात्राओं ने कहा कि बुखार हो जाए तो उसके लिए दवा की व्यवस्था नहीं है। मांग उठी कि इलाज के लिए सभी संसाधन और डॉक्टरों की तैनाती की जाए। ताकि किसी भी आपात स्थिति में छात्रों को तुरंत इलाज मिल सकेगा।
देर रात तक विरोध कर रहे लोगों में एमएमवी की कम और बाहर की ज्यादा हैं। बच्चों की मांग है कि मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उसे ठीक करने का काम किया जा रहा है। यहां पर डीन और विभागाध्यक्ष समेत सभी प्रोफेसर मौजूद हैं। -प्रो. रीता सिंह, प्रिंसिपल, एमएमवी