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BHU: जन्मदिन के अगले ही दिन छात्रा की मौत, प्रिंसिपल ने कहा- ये नेचुरल डेथ है; माता-पिता बोले- राजनीति न करें

Fri, 10 Oct 2025 05:57 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में एमएमवी चाैराहे पर छात्रों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस के साथ शिक्षक भी उन्हें समझाने पहुंचे। बातचीत के बाद रात में मामला ठंडा हुआ। परिजन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद संतुष्ट हो गए।
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नाराज छात्रों से बातचीत करतीं प्रिंसिपल प्रो. रीता सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जन्मदिन के अगले ही दिन एमएमवी की छात्रा प्राची सिंह की मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। कल ही जन्मदिन था। दोस्तों के साथ केक काटकर सेलिब्रेट किया था। 2024 में उसका दाखिला दिल्ली विश्वविद्यालय में हो गया था, लेकिन वहां के माहौल का सोचकर वह बीएचयू आ गई। प्राची की मौत के बाद वी वांट जस्टिस के नारे लगे। बड़ी संख्या में विरोध में उमड़े छात्र-छात्राओं ने दुख जताया। 

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प्रिंसिपल प्रो. रीता सिंह ने कहा कि यह सामान्य मौत थी। परिजन दो बजे तक आ गए थे। पोस्टमार्टम कराकर रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज लेकर संतुष्ट थे। प्रिंसिपल ने कहा कि मृतका के परिजनों का मानना था कि उनके बच्चे पर किसी तरह की राजनीति न हो। बेटी को देखकर मां की भी तबीयत बिगड़ी तो उनका भी इलाज सर सुंदरलाल अस्पताल की इमरजेंसी में कराया गया।

प्रथम दृष्टया छात्रा की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई है, बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद असली वजह पता चलेगी। छात्राओं के आरोपों की पड़ताल और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।  - गौरव कुमार, एसीपी भेलूपुर

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एमएमवी की छात्रा प्राची सिंह की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
आरोप- कॉलेज परिसर में इलाज की कोई व्यवस्था ही नहीं
बीएचयू के एमएमवी चौराहे के बाहर देर रात तक चले विरोध के दौरान छात्राओं ने आरोप लगाया कि एमएमवी कैंपस में प्राथमिक इलाज की भी सुविधा नहीं है। कहा कि परिसर में समय पर प्रारंभिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होती तो शायद छात्रा की जान बचाई जा सकती थी। एमएमवी, वीकेएम, एएमपीजी, डीएवी, वीकेएम और आरजीएससी में प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड) के लिए विशेष कक्ष बनाया जाए।

छात्राओं ने कहा कि बुखार हो जाए तो उसके लिए दवा की व्यवस्था नहीं है। मांग उठी कि इलाज के लिए सभी संसाधन और डॉक्टरों की तैनाती की जाए। ताकि किसी भी आपात स्थिति में छात्रों को तुरंत इलाज मिल सकेगा।
देर रात तक विरोध कर रहे लोगों में एमएमवी की कम और बाहर की ज्यादा हैं। बच्चों की मांग है कि मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उसे ठीक करने का काम किया जा रहा है। यहां पर डीन और विभागाध्यक्ष समेत सभी प्रोफेसर मौजूद हैं। -प्रो. रीता सिंह, प्रिंसिपल, एमएमवी
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