शिकायत संख्या 30096518001917 की जांच के लिए प्रभारी अधिकारी संपूर्ण समाधान दिवस ने बीडीओ बिलरियागंज को अधिकृत किया। बीडीओ ने इसकी जांच ग्राम विकास अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह से कराई। सत्यप्रकाश सिंह ने बिना पीड़िता से मिले और ग्राम प्रधान का बयान लिए, रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी कि बंशराजी पत्नी स्व. बोधन की मौत दिनांक आठ जुलाई 1976 को हो चुकी है। 24 अगस्त को प्रकरण को निस्तारित भी कर दिया गया।
पीड़िता बंशराजी ने बताया कि जांच अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह न गांव आए और न ही कोई जांच की। मैं जिन्दा हूं और अपने भतीजे रामकोमल के पास रहती हूं। मेरी पास तीन जीवित शादीशुदा पुत्रियां हैं। यदि कोई शक है तो मेरा डीएनए टेस्ट करा लिया जाए। जांच अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह ने मृत्यु प्रमाण-पत्र और शवदाह प्रमाण-पत्र की बात की है। न तो मुझे कोई प्रमाण पत्र दिया जा रहा है और न तो विपक्षी का नाम पता ही बताया जा रहा है।
आरोप लगाया कि सत्य प्रकाश सिंह ने नाजायज लाभ लेकर अपने पद का दुरुपयोग किया है। मुझे मृतक घोषित करने के लिए कूट रचना परिवार रजिस्टर में कर दी। और गलत रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। गांव के कुछ लोग जो बेईमानी से मेरी सम्पत्ति हड़पना चाहते हैं।
बंशराजी ने बताया कि मैं 92 वर्ष की विधवा हूं। कुछ आबादी की जमीन बची है। इसे अपने भतीजे रामकोमल को वसीयत किया है। इसी जमीन के लिए मुझे मृतक घोषित किया जा रहा है। इस बाबत जब बीडीओ बिलरियागंज से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला जानकारी में है। यदि बंशराजी जिन्दा है तो मैं जल्दी ही मिल कर, अभिलेखों की जांच करूंगा।
दोषी लोगों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी। इस बारे में एसडीएम सगड़ी पंकज कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि प्रकरण संज्ञान में नहीं था। स्वयं गांव में जाकर मामले की जांच करूंगा। यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी की ओर से गलत रिपोर्ट लगाई गई है तो इसके बारे में जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी।