दो दिन से अगवा किशोरी का शव मंगलवार रात 15108 लखनऊ-बनारस इंटरसिटी में जूट के बोरे में मिलने से सनसनी फैल गई। जनरल कोच के अंदर मिले शव के हाथ पैर बंधे हुए थे। बुधवार देर रात युवती की पहचान कपसेठी थाना क्षेत्र के भिटकुरी निवासी मोनिका पाल (16) के रूप में हुई। वह 19 फरवरी को सुबह अपनी सहेली से किताब लेने के बहाने निकली थी, तब से उसका कोई पता नहीं था। उधर, देर शाम शव की पहचान होने पर कपसेठी थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया। मोनिका बारहवीं की छात्रा थी।
उधर, परिजनों ने आरोप लगाया कि कपसेठी पुलिस ने मोनिका की गुमशुदगी को गंभीरता से नहीं लिया। वह 19 की शाम से ही उसकी खोजबीन करते रहे। साथ ही गुमशुदगी दर्ज करने के लिए गुहार भी लगाते रहे, लेकिन उनकी फरियाद नहीं सुनी गई। बुधवार को मोर्चरी हाउस पहुंचे परिजनों ने कहा कि अगर पुलिस समय से बेटी को खोजने की कोशिश करती तो शायद उसकी जान बच जाती।
20 घंटे तक मशक्कत करती रही जीआरपी
इससे पहले लखनऊ-बनारस इंटरसिटी एक्सप्रेस मंगलवार रात बनारस स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या पांच पर पहुंची। कुछ देर बाद सफाईकर्मी जनरल कोच संख्या 164132 में पहुंचे। इस दौरान उन्हें टॉयलेट के बीच में जूट का बोरा मिला, बोरे से उठ रही दुर्गंध और अनहोनी की सूचना सफाई कर्मियों ने स्टेशन मास्टर को दी। स्टेशन मास्टर की सूचना पर आरपीएफ और जीआरपी पहुंची। बोरे की जांच में किशोरी का शव मिला।
एसपी जीआरपी एपी सिंह, सीओ कुंवर प्रभात सिंह, कैंट जीआरपी इंस्पेक्टर हेमंत सिंह, बनारस चौकी प्रभारी धनंजय मिश्रा पहुंचे और छानबीन की। कैंट जीआरपी इंस्पेक्टर हेमंत सिंह ने बताया कि पिता पुनवासी पाल और रिश्तेदारों ने शव की पहचान की है।