बनारस में गंगा का जल स्तर के बढ़ने से महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर शवदाह स्थल बदलना पड़ा है। इससे परेशानी बढ़ गई है। मणिकर्णिका घाट पर लंबी वेटिंग है। शव जलाने के लिए तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। आगे की स्लाइड्स में देखें..
विज्ञापन
2 of 4
flood
- फोटो : amar ujala
गंगा में उफान की वजह से मणिकर्णिका घाट पर पानी भर गया है। शवों को छत पर जलाया जा रहा है। पहले जहां बीस शव का अंतिम संस्कार किया जा सकता था, वहीं अब एक बार में दस शव ही जलाए जा सकते हैं।
विज्ञापन
3 of 4
cremation
- फोटो : अमर उजाला
लकड़ी गीली होने की वजह से भी संस्कार में अधिक समय लग रहा है। बुधवार शाम 25 शव मणिकर्णिका घाट जाने वाली गली में बारी के इंतजार में रखे थे। वहीं हरिश्चंद्र घाट पर भी पानी भर जाने पर उन्हें ऊपर घाट के रास्ते पर ही रखकर जलाया जा रहा है।
उधर, गंगा में उफान की वजह से शीतला मंदिर के पट बंद कर दिया गए हैं। आरती दूसरे मंदिर में हो रही है। गंगा आरती भी गंगा सेवा निधि की छत पर की जा रही है। अस्सी घाट पर सुबह ए बनारस का मंच भी पूरी तरह से गंगा के जल से डूब गया है।