यात्रियों ने ट्रेन में एस्कार्ट कर रहे जवानों को सूचना देकर उपचार आदि की व्यवस्था करने की गुहार लगाई, लेकिन ट्रेन में उपचार नहीं मिल पाया। जवानों ने इसकी सूचना ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर तैनात जीआरपी को दी।
ट्रेन के स्टेशन पर खड़े होते ही जीआरपी के जवानों ने युवक को उतारकर सीएचसी गोपीगंज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। लिखा-पढ़ी के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दो दशक से मंडुआडीह-इलाहाबाद सिटी रेलखंड पर फेरा लगा रहीं ट्रेनों में फर्स्ट एड बाक्स की हकीकत उस समय सामने आ गई जब छात्र कृपाल ने उपचार के अभाव में दम तोड़ दिया। बता दें कि स्टेशन से लेकर गार्ड और चालक दल के पास बॉक्स उपलब्ध होने का दावा रेलवे करता है, लेकिन जरूरत के वक्त फर्स्ट एड बाक्स की व्यवस्था महज खानापूर्ति के रूप में ही सामने आती है।
पीआरओ वाराणसी मंडल एमके गुप्ता ने कहा कि मामला गंभीर है। इस पर गहनता से विचार किया जा रहा है। यदि मृतक के पास टिकट मिला है तो उसे रेलवे की ओर से निर्धारित हर्जाना भी मिलेगा।