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एसएससी की परीक्षा देकर लौट रहे युवक का मंडुआडीह एक्सप्रेस में मिला शव, मची सनसनी

Sat, 12 Oct 2019 05:30 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भदोही

सार

जीआरपी ने ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर उतार कर पहुंचाया अस्पताल

अस्पताल में मौत की पुष्टि, बड़ागांव-झांसी निवासी के रूप में हुई शिनाख्त
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भदोही जिले के ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर डाउन मडुआडीह एक्सप्रेस में शनिवार को छात्र का शव मिलने से अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंची जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने छात्र की मौत की पुष्टि कर दी। पास में मिले मोबाइल, आधार कार्ड समेत अन्य कागजात के आधार पर उसकी शिनाख्त बड़ागांव-झांसी निवासी कृपाल (24) पुत्र कल्ला के रूप में हुई। 
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रेलवे पुलिस ने सूचना परिजनों को दे दी। मृतक के पास से प्रयागराज जंक्शन से मंडुआडीह तक का टिकट भी मिला है। वह प्रयागराज से एसएससी की परीक्षा देकर लौट रहा था। सुपरफास्ट डाउन मंडुआडीह-नईदिल्ली एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर लौट रही थी।

बोगी संख्या एस-6 की सीट नंबर 60 पर कृपाल प्रयागराज जंक्शन से टिकट लेकर बैठा था। बीच रास्ते में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। पास में बैठे यात्रियों को उसने हार्ट की बीमारी बताकर दवा चलने की बात कही। इतने में वह बेहोश होकर सीट के नीचे गिर पड़ा।
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यात्रियों ने ट्रेन में एस्कार्ट कर रहे जवानों को सूचना देकर उपचार आदि की व्यवस्था करने की गुहार लगाई, लेकिन ट्रेन में उपचार नहीं मिल पाया। जवानों ने इसकी सूचना ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर तैनात जीआरपी को दी।

ट्रेन के स्टेशन पर खड़े होते ही जीआरपी के जवानों ने युवक को उतारकर सीएचसी गोपीगंज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। लिखा-पढ़ी के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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...फर्स्ट एड बाक्स की हकीकत आई सामने

दो दशक से मंडुआडीह-इलाहाबाद सिटी रेलखंड पर फेरा लगा रहीं ट्रेनों में फर्स्ट एड बाक्स की हकीकत उस समय सामने आ गई जब छात्र कृपाल ने उपचार के अभाव में दम तोड़ दिया। बता दें कि स्टेशन से लेकर गार्ड और चालक दल के पास बॉक्स उपलब्ध होने का दावा रेलवे करता है, लेकिन जरूरत के वक्त फर्स्ट एड बाक्स की व्यवस्था महज खानापूर्ति के रूप में ही सामने आती है।

पीआरओ वाराणसी मंडल एमके गुप्ता ने कहा कि मामला गंभीर है। इस पर गहनता से विचार किया जा रहा है। यदि मृतक के पास टिकट मिला है तो उसे रेलवे की ओर से निर्धारित हर्जाना भी मिलेगा। 
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