अधिवक्ता ने सिगरा थाने की पुलिस को बताया कि उन्हें पूरा शक है कि उपेंद्र श्रीवास्तव ही उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। अधिवक्ता ने बुधवार को कहा कि सिगरा थाने में उनकी बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया गया, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और उसकी खोजबीन का सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता रहा। 10 सितंबर को भदोही जिले के गोपीगंज थाने की पुलिस उनका घर खोजते हुए उनके पास पहुंची। पुलिस ने उनकी बेटी की फोटो दिखाई, तब जाकर उन्हें पता लगा कि अब उनकी बेटी कभी लौट कर घर नहीं आएगी।
अधिवक्ता ने बुधवार को बताया कि उनके पति की मौत हो चुकी है। उनकी इकलौती बेटी ही उनके जीने का एकमात्र सहारा थी। वह इस वर्ष 10वीं की परीक्षा दी थी। अधिवक्ता ने कहा कि पता नहीं किस जन्म की सजा मिल रही है। अपनी फूल सी बच्ची का शव भी नहीं देख सकी। समझ नहीं आ रहा है कि जिंदगी अब किसके सहारे और कैसे कटेगी?
किशोरी की हत्या के आरोपी उपेंद्र श्रीवास्तव की गिरफ्तारी में सिगरा स्थित सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर के टीएसआई दुर्गेश कुमार सरोज और कांस्टेबल मनीष कुमार बघेल ने भी अहम भूमिका निभाई। दरअसल, भदोही जिले की पुलिस लालानगर टोल के समीप बक्सा में किशोरी का शव फेंकने वाले बाइक सवार उपेंद्र की तलाश में सीसी कैमरों की फुटेज के सहारे बनारस तक आई। इसके बाद पुलिस ने कमांड सेंटर की मदद मांगी।
कमांड सेंटर के पुलिस कर्मियों ने महामनापुरी कॉलोनी, करौंदी, खोजवां, नुआव चौराहा सहित अन्य स्थानों पर लगे 80 से ज्यादा सीसी कैमरों की फुटेज खंगाला। पुलिस के अनुसार, गुमराह करने के लिए उपेंद्र बाइक पर बक्सा लेकर एक-एक स्थान का तीन--चार चक्कर लगा रहा था। इसलिए एक-एक कैमरे की फुटेज ही आठ से दस बार देखनी पड़ी। हालांकि उसके खिलाफ कैमरों की मदद से पर्याप्त साक्ष्य मिल गया था।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि किशोरी का शव व उसका चेहरा पूरा जला था। इस कारण पहचान में दिक्कत आई। गोपीगंज थाने की पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम गठित की गई थी। टीम ने हाईवे के 200 से अधिक सीसी फुटेज देखे, फिर आरोपी को दबोचने में कामयाब हुई है। पुलिस के पास कुछ नहीं था, लेकिन सही जांच व मेहनत की बदौलत हत्याकांड का खुलासा हो सका।
पुलिस अधीक्षक ने सीसी कैमरा लगवाने वाले उस दुकानदार कन्हैयालाल गुप्ता को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया, जिसके कैमरे में हत्यारोपी कैद हुआ है। वह बाइक पर बक्से को रखकर जाता दिख रहा है। घटना का खुलासा करने वाली पुलिस की टीम को उप महानिरीक्षक विंध्याचल मंडल व एसपी ने 25-25 हजार रुपये का इनाम देने का एलान किया है। अफसरों का कहना है कि अज्ञात शव की पहचान व आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस की मेहनत सामने आई है।