आजमगढ़ में समाज कल्याण विभाग में वर्ष 2007 से 2011 तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के नाम हुए 1.45 करोड़ के घोटाले में क्राइम ब्रांच ने जिला सहकारी बैंक की कप्तानगंज शाखा के तत्कालीन प्रबंधक हरीराम यादव को गिरफ्तार कर लिया है।
घोटाले में इनके कार्यकाल में ही फर्जी खाते खोले गए थे और इनकी मिलीभगत से ही चेकों को भुनाया गया था। गुरुवार को रोडवेज से गिरफ्तारी के समय आरोपी ने क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर को दांत से काट भी लिया।
समाज कल्याण विभाग में वर्ष 2007 से 2011 के दौरान हुए 1.45 करोड़ रुपये की घोटाले की जांच तत्कालीन जिलाधिकारी की ओर से सीडीओ की नेतृत्व में बनी कमेटी को सौंपी थी।
कमेटी में शामिल अपर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी सुनील सिंह ने मामले की जांच की तो पाया गया कि जून 2011 में तत्कालीन बाबू जोखन राम का स्थानांतरण महारागंज होने पर उन्होंने विधवा, विकलांग पेंशन और छात्रवृत्ति के 204 ऐसे चेक नवागत बाबू गंगासागर राय को सौंपे थे जो लाभार्थी के ना मिलने के कारण बैंकों से लौट आए थे।
इसे समाज कल्याण विभाग के नेशनल खाते में जमा कराना था। तत्कालीन बाबू गंगासागर राय ने इसमें से कई चेकों को विभाग के खाते में जमा कराने के बजाय जिला सहकारी बैंक कप्तानगंज के प्रबंधक की मिलीभगत से फर्जी खातों में जमा कर 1.45 करोड़ की धनराशि भुना ली। अधिकारी की मदद से धन का आहरण कर इसका गबन कर लिया गया।