वाराणसी में कोरोना महामारी में सामाजिक तानाबाना बिगड़ गया है। किसी को चार कंधे नहीं मिल रहे हैं तो कहीं बेटियां ही बेटों का फर्ज निभा रही हैं। कोरोना से बृहस्पतिवार को गोरखपुर निवासी बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता एमएन गोयल का निधन हो गया।
हरिश्चंद्र घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी बड़ी बेटी निमिषा गोयल ने पिता को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद हर किसी की आंखें छलक उठीं। निमिषा गोयल ने बेटे का धर्म निभाते हुए मुखाग्नि दी। एमएन गोयल की तैनाती मिर्जापुर विद्युत कार्य मंडल में थी। यहां हाइडिल कॉलोनी में आवंटित आवास में परिवार रहता है। वह अपने पीछे पत्नी और दो बेटियां छोड़कर गए हैं।
विभाग के अनुसार, बीते 15 दिनों से हेरिटेज में उनका इलाज चल रहा था। अंतिम संस्कार में कुछ रिश्तेदार भी रहे। हरिश्चंद्र घाट पर मौजूद विनोद पाल ने कहा कि कोरोना ने लोगों को सच्चाई दिखा दी है। न तो पड़ोसी, न जानने वाले और न ही रिश्तेदार आते हैं। केवल परिवार के कुछ लोग ही घाट पर दाह संस्कार करने को मजबूर हैं। हमारे भी बड़े पिताजी का निधन हो गया है। यहां शव जलाने आए हैं। यहां का दृश्य देखकर लगता है कि यह क्या हो रहा है। खुशी इस बात की है की बेटियां भी बेटे का फर्ज बढ़-चढ़कर निभा रही हैं।