दशाश्वमेध और जंगमबाड़ी वार्ड पहले स्मार्ट वार्ड बनेंगे। इन दोनों वार्डों में काफी काम पूरा हो गया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चयनित चार अन्य वार्डों में काम की गति अभी धीमी है। इन वार्डों में नये सिरे से पेयजल, सीवर की पाइप लाइन बिछाने के साथ अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम कराए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, कोविड के चलते कार्य धीमा हो गया था। अब कुछ दिनों से गति आई है। दशाश्वमेध में 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जंगमबाड़ी वार्ड में सीवर का 65 प्रतिशत काम हुआ है। कुछ गलियों में चौका पत्थर व अन्य कार्य पूरे होंगे। स्मार्ट वार्डों के कार्य में तकनीकी कारणों से भी देरी हो रही है। समय-समय पर स्थानीय लोगों की ओर से कार्यदायी संस्था द्वारा हीलाहवाली की शिकायतें भी आती हैं। कामेश्वर महादेव वार्ड में कार्यदायी संस्था पर पिछले साल 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा था। जंगमबाड़ी में 13.53 करोड़, दशाश्वमेध में 12.65 करोड़, कामेश्वर महादेव वार्ड में 16.22 करोड़, राजमंदिर में 17.09 करोड़ व कालभैरव वार्ड में 16.24 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वीडीए को गढ़वासी टोला में स्मार्ट वार्ड की जिम्मेदारी मिली है। यहां 20 फीसदी भी काम नहीं हुआ है। इस वार्ड के विकास में 16 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कामेश्वर महादेव वार्ड में 35 प्रतिशत, कालभैरव में 44 प्रतिशत और राजमंदिर वार्ड में 53 प्रतिशत काम हुए हैं।