बिजली गुल होने के बाद मरीजों के तीमारदार मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में अपने मरीजों की देखभाल करते रहे। अस्पताल में अंधेरा होने से ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को भी मरीजों को दवा देने और उनकी निगरानी करने में परेशानी हुई। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों ने जनरेटर नहीं चलाए जाने पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि बिजली कटने के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए थी।
करीब 45 मिनट तक बिजली नहीं रहने से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए। खासकर प्रसव के लिए पहुंची महिलाओं और पहले से भर्ती मरीजों को अंधेरे में रहना पड़ा। ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील स्थान पर भी बिजली गुल होने से स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ी।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि सीएचसी में पहले से जनरेटर की व्यवस्था नहीं है। इसी वजह से बिजली कटने पर समस्या हुई। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सीएचसी प्रभारी के साथ बातचीत कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।