इसी दौरान वहां गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने अंदर जाने से रोक दिया। छात्रा ने आरोप लगाया कि गार्ड ने महाविद्यालय में ना जाकर अस्पताल में जाने की सलाह दी। खुद का परिचय बतौर बीएचयू की छात्रा देने के बाद भी गार्ड द्वारा रोका जाना भेदभावपूर्ण और अमानवीय है।
उधर इस घटना के बाद से जहां विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप है, वहीं अन्य छात्राओं में आक्रोश है। घटना की जानकारी होने पर चीफ प्रॉक्टर ने सुरक्षा अधिकारियों को भेजकर घटना की जानकारी ली।
बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो ओपी राय का कहना है कि छात्रा की शिकायत मिली है। इसके बाद ही सुरक्षा अधिकारी को मौके पर भेजा गया। गार्ड के मुताबिक छात्रा गेट के पास बने मेल टायलेट में जा रही थी, इससे मना करने पर आरोप लगाया गया। छात्रा से भी बातचीत करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।