डाल्फिन दिवस पर सोमवार को मारकंडेय महादेव घाट से लेकर गंगा गोमती संगम तक गांगेय डाल्फिन जलज सफारी की शुरुआत की गई। जिसके माध्यम से पर्यटक गंगा में डाल्फिन की अठखेलियों का लुत्फ उठा सकेंगे। साथ ही काशी के सैकड़ों नाविकों के लिए रोजगार का एक और रास्ता भी खुल गया है।
प्रभागीय वनाधिकारी महावीर कौजलगी ने बताया कि जिले में टाइगर सफारी की तर्ज पर डाल्फिल सफारी का शुभारंभ किया गया है। जिससे काशी के 500 से अधिक नाविकों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। जो गंगा के कैथी, टंकेश्वर, राजघाट, ढकवा इलाके के गहराई और साफ सुथरे वाले इलाकों में मौजूद दर्जनों डाल्फिन सहित अन्य कई जलीय जीवों का सैर सपाटा और टूरिस्ट गाइड बनकर अच्छा खासा मुनाफा कमा सकेंगे। हालांकि विभाग की ओर से तीन नाव डाल्फिन सफारी के लिए नदी में उतारी गई है। मांग बढ़ने पर और उतारी जाएंगी। जिसपर विभाग की तरफ से प्रशिक्षित गाइड होंगे। इसके अलावा घाट के किनारे गंगा प्रहरी और शिक्षित युवाओं को भी विभाग डाल्फिन सहित अन्य कई जलीय जीवों के संरक्षण के लिए प्रशिक्षण देगा। जो पर्यटकों और वॉटर एडवेंचर करने वालों को डाल्फिन के संरक्षण व जीवन के बारे में गाइड करेंगे।