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दालमंडी चौड़ीकरण योजना: विरोध के बाद भी शुरू हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, अब तक तीन मकान गिराए

Mon, 10 Nov 2025 09:53 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: दालमंडी चौड़ीकरण योजना के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध भी जताया, लेकिन पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मकान व दुकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई कर रही है। 
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दालमंडी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विरोध के बावजूद दालमंडी चौड़ीकरण योजना के तहत पुलिस और प्रशासन की निगरानी में एक मकान को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई। ध्वस्तीकरण से पूर्व जब भवन पर निशान लगाए गए, तो किरायेदारों ने चौक थाने में पहुंचकर आपत्ति जताई। रविवार की सुबह से शाम तक चली जद्दोजहद के बाद आखिरकार फोर्स की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करा दी गई। अब तक पीडब्ल्यूडी तीन मकान ध्वस्त करा चुका है। 13 काश्तकारों से रजिस्ट्री कराई जा चुकी है।

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दालमंडी स्थित इस भवन के पांच मालिक हैं। इनमें सुमन ओझा, पीयूष ओझा, कंचन देवी, गूंजा मिश्रा और सोनी सिंह का नाम शामिल है। भवन स्वामियों की ओर से पीडब्ल्यूडी को रजिस्ट्री के बाद ध्वस्तीकरण की अनुमति दी गई। भवन का नाम लक्ष्मी कटरा है जिसमें कुल 13 दुकानदार किराये पर थे। किरायेदारों को पहले से किसी भी प्रकार की सूचना नहीं दी गई थी। 
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रविवार की सुबह पुलिस बल के साथ पीडब्ल्यूडी की टीम मौके पर पहुंची और भवन पर लाल निशान लगाया गया। इसे देखकर दुकानदार और किरायेदार विरोध पर उतर आए और सभी चौक थाने जाकर आपत्ति जताने लगे। शाम होने पर पुलिस बल की मौजूदगी में मजदूर बुलाकर हथौड़े से तोड़ने लगे। फैंसी मार्केट लक्ष्मी कटरा में दुकानदारों को खाली कराया गया और पीडब्ल्यूडी ने वहां अपना ताला डाल दिया।

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दालमंडी - फोटो : अमर उजाला
सामान शिफ्ट कराने का मौका न देने का आरोप 
एक किरायेदार दुकानदार के अनुसार, उनकी दुकान 1960 से है। उन्होंने एक दिन का समय मांगा था और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से विनती भी की लेकिन इसके बावजूद सामान शिफ्ट कराने का मौका भी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि वे चौड़ीकरण के खिलाफ नहीं हैं पर हमें एक रुपये का मुआवजा नहीं मिला। मेरी दुकान बहुत पुरानी है।

दालमंडी - फोटो : अमर उजाला
चार दिन पहले भवन की हुई थी रजिस्ट्री
भवन स्वामी सुमन के अनुसार, इस भवन के पांच हिस्सेदार हैं। लगभग एक करोड़ रुपये मिले हैं जो ध्वस्तीकरण में जाने वाले हिस्से के अनुसार तय हुआ था। चार दिन पहले भवन की रजिस्ट्री हुई थी। किरायेदारों को सामान शिफ्ट कराने के लिए समय दिलाने के उद्देश्य से चौक थाने भी गए थे।
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दालमंडी - फोटो : अमर उजाला
दुकानदारों को मोहलत दी गई थी
जॉइंट मजिस्ट्रेट नितिन सिंह के अनुसार, चौड़ीकरण से तंग गलियों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी। कुछ बिल्डिंग मालिकों को जमीन और निर्माण दोनों का मुआवजा दिया जा रहा है। दुकानदारों को मोहलत दी जा रही है। बीते दो सप्ताह से दिन में दो से तीन बार एनाउंसमेंट किया जा रहा है। नियमित कैंप कार्यालय चौक थाने में संचालित है।

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