फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News: कॉल सेंटर की आड़ में साइबर ठगी, सरगना समेत 9 आरोपियों पर लगेगा गैंगस्टर; जब्त होगी संपत्ति

Tue, 13 Jan 2026 06:03 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi Crime: साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने 29 दिसंबर की रात लंका थाना क्षेत्र के गांधीनगर कॉलोनी में अपार्टमेंट के दो फ्लैट में छापा मार कर कॉल सेंटर का भंड़ाफोड़ किया था। 
विज्ञापन
सरगना समेत 9 आरोपियों पर लगेगा गैंगस्टर। - फोटो : AI जनरेटेड
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Varanasi News: कॉल सेंटर की आड़ में शेयर ट्रेडिंग के बहाने साइबर ठगी करने के नौ आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना जौनपुर निवासी शोमिल मोदनवाल, अभय मौर्य समेत नौ आरोपियों की अपराध से अर्जित संपत्ति को कमिश्नरेट पुलिस जब्त करेगी। 

विज्ञापन


जौनपुर निवासी आरोपियों की महंगी घड़ी, दो थार वाहन और आईफोन, लैपटॉप समेत अन्य को पुलिस गिरफ्तारी के समय ही जब्त कर चुकी है। शहर में बिना अनुमति कॉल सेंटर का संचालन करने वालों को भी पुलिस चिह्नित कर रही है। कॉल सेंटर संचालन के उद्देश्य और कर्मचारियों की सूची, मोबाइल नंबर थाने को देना अनिवार्य है।

जौनपुर के रहने वाले आरोपियों में ऊर्दू बाजार निवासी सरगना शोमिल मोदनवाल, लाइन बाजार के हुसैनाबाद निवासी अभय मौर्य, सरायख्वाजा के पकड़ी निवासी अमित सिंह, पदुमपुर निवासी अमन मौर्या, कोतवाली थाना क्षेत्र के बढ़ईटोला निवासी कृष्णा विश्वकर्मा, सिकरारा के महमदपुर निवासी अभिषेक तिवारी, सैदअलीपुर बड़ मस्जिद निवासी शिवा वैश्य, सिपाह निवासी विजय कुमार उर्फ विक्की और बंदरी स्टेशन के सहाबुद्दीनपुर का रहने वाला सुजल चौरसिया को गिरफ्तार किया गया। सभी को जेल भेजा गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस ने की कार्रवाई

आरोपियों की ओर से पहले से स्थापित ब्रांडेड कंपनियों के नाम का प्रयोग कर मेटा, गूगल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन लगाए जाते थे, जिसके माध्यम से डेटा प्राप्त किया जाता था। फिर डेटा का प्रयोग कर लोगों को कॉलिंग कर विभिन्न प्रकार के ऑफर देते हुए अपने आप को ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताते थे। 

डिमैट अकाउंट का लॉगिन आईडी और पासवर्ड ले लेते थे। ब्रोकरेज का लाभ और कमीशन लेने के उद्देश्य से ढेर सारा ट्रांजेक्शन (बाय व सेल) किया जाता था, जिससे लोगों को व्यापार में हानि होती थी। जब लोगों के डिमैट अकाउंट की हैंडलिंग इन साइबर अपराधियों के पास चली जाती थी तो उसमें मौजूद पैसों को फर्जी म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे।
कॉल सेंटर के बहाने साइबर ठगी करने के गिरोह के सरगना समेत 9 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अपराध से अर्जित आरोपियों की संपत्तियां भी जब्त की जाएंगी। शहर में बिना अनुमति के संचालित अन्य कॉल सेंटर को भी चिह्नित किया जा रहा है। - विदुष सक्सेना, एसीपी साइबर क्राइम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें