आरोपियों की ओर से पहले से स्थापित ब्रांडेड कंपनियों के नाम का प्रयोग कर मेटा, गूगल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन लगाए जाते थे, जिसके माध्यम से डेटा प्राप्त किया जाता था। फिर डेटा का प्रयोग कर लोगों को कॉलिंग कर विभिन्न प्रकार के ऑफर देते हुए अपने आप को ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताते थे।
डिमैट अकाउंट का लॉगिन आईडी और पासवर्ड ले लेते थे। ब्रोकरेज का लाभ और कमीशन लेने के उद्देश्य से ढेर सारा ट्रांजेक्शन (बाय व सेल) किया जाता था, जिससे लोगों को व्यापार में हानि होती थी। जब लोगों के डिमैट अकाउंट की हैंडलिंग इन साइबर अपराधियों के पास चली जाती थी तो उसमें मौजूद पैसों को फर्जी म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे।
कॉल सेंटर के बहाने साइबर ठगी करने के गिरोह के सरगना समेत 9 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अपराध से अर्जित आरोपियों की संपत्तियां भी जब्त की जाएंगी। शहर में बिना अनुमति के संचालित अन्य कॉल सेंटर को भी चिह्नित किया जा रहा है। - विदुष सक्सेना, एसीपी साइबर क्राइम