पुलिस के सूत्रों की मानें तो गेमिंग एप के माध्यम से एक दिन में 50-50 लाख तक के वारे न्यारे कर दिए जा रहे हैं। पूरे देश में साइबर ठगी का जाल फैला हुआ है। जो भी झांसे में आया उसके खाते खाली हो जा रहे हैं। साइबर ठगी के आरोपियों की प्राथमिक जांच में 20 करोड़ से ज्यादा का हेरफेर सामने आया है। फिर उसकी निकासी की गई है। साइबर अपराध से अर्जित पैसे को दूसरे के खाते में जमा कराने वाले गिरोह के सात लोगों के खिलाफ पहले ही प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है।
इसी प्रकार मड़िहान, चुनार, कछवां और वाराणसी के कुछ इलाकों में सक्रिय सदस्य और उनके बैंक खाते भी पुलिस की राडार पर हैं। पहले ही दिलीप विश्वकर्मा की तहरीर पर पांच अक्तूबर को रजनीश मिश्रा निवासी भुईली पांडेय थाना पड़री, विकास यादव निवासी दुबेपुर थाना पड़री, शिवम सिंह निवासी प्रेमापुर थाना चुनार, संदीप सिंह निवासी टकटकपुर खैरा निवासी कछवां, निखिल , अरमान सिंह चुनार, सोनू निवासी जोमनपुर थाना कछवां और अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।