सुसुवाही के गुरुप्रीत सिंह को घर बैठे मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने 4.35 लाख रुपये चपत लगा दी। चितईपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। बिहार के सासाराम रोहतास के मूल निवासी गुरुप्रीत सिंह ने बताया कि उनके टेलीग्राम ऐप पर देवांशी नाम की आईडी से एक लिंक आया था।
कहा गया कि एक हजार का भुगतान करने पर 1300 रुपये मिलेंगे। दो बार भुगतान किया तो 5600 रुपये मिले। फिर कहा गया कि वॉलेट में और पैसे जोड़ने पर पुरस्कार मिलेगा। उन्होंने 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए। उसे निकालने के लिए 1.35 लाख रुपये डालने को कहा गया। फिर भी पैसे निकालने से मना कर दिया।
ग्रुप में कहा गया कि खाते को सक्रिय करने के लिए क्रेडिट प्वाइंट खरीदना होगा। जिसके बाद 2.50 लाख रुपये और लिए गए, लेकिन पैसा निकालने से मना कर दिया गया। ठगी का शक होने पर गुरुप्रीत सिंह ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज करा कर चितईपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. आनंद चौधरी की पत्नी शिल्पा चौधरी से जालसाजों ने 38 हजार रुपये ठग लिए। चितईपुर थाने में तहरीर दी गई है। शिल्पा चौधरी ने बताया कि फोन करने वाले खुद को जतिन मेंडिस बताया। कहा कि वह एयरपोर्ट पर जब्त कीमती सामानों को कानूनी नीलामी के माध्यम से दिला देगा।
जतिन शिल्पा चौधरी का छात्र रहा है। इसके चलते वह झांसे में आ गईं। 29 अप्रैल को 38 हजार का भुगतान शिल्पा ने कर दिया। पैसा लेने के बाद जतिन ने फोन उठाना बंद कर दिया।