डीसीपी क्राइम / वरुणा जोन ने बताया कि साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय नारायण मिश्र के नेतृत्व में इंस्पेक्टर विपिन कुमार, दरोगा आलोक रंजन और एएसआई श्याम लाल गुप्ता की टीम ने मामले की जांच शुरू की। लेनदेन से संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और फर्जी वेबसाइट की मदद से डिजिटल फुटप्रिंट तैयार कर तीनों आरोपियों को नालंदा और कोलकाता से पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया।
असली वेबसाइट से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट बनाते हैं
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह नामचीन कंपनियों जैसे किया मोटर्स, कल्याण ज्वेलर्स, टाटा स्टार बक्स, जूडियो, टाटा ट्रेंट, बर्गर किंग की असली वेबसाइट से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट बनाते हैं। फिर फर्जी वेबसाइट का प्रमोशन विज्ञापन के माध्यम से गूगल और सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर किया जाता है। जिन लोगों को उपरोक्त कंपनियों के फ्रेंचाइजी की आवश्यकता होती है, उनके द्वारा वेबसाइट को गूगल पर सर्च किया जाता है।
पेड प्रमोशन होने के कारण फर्जी वेबसाइट सबसे पहले दिखाई देती है। उन पर लोग अपना पूरा विवरण डाल देते हैं। इसके बाद उन्हें फोन कर रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी मनी, जीएसटी फीस वगैरह का हवाला देते हुए कथित कंपनी के फर्जी म्यूल बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करा लिया जाता है।