ओम प्रकाश नारायण त्रिपाठी ने बताया कि उनका खाता सोनारपुरा स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में है। बीते 24 जनवरी को उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि वह बैंक ऑफ इंडिया का अधिकृत प्रतिनिधि है। आप द्वारा बैंक में लगाए गए चेक का क्लियरेंस नहीं हो पा रहा है। फिर उसने चेक के संबंध में पूरी जानकारी दी।
वाराणसी के रवींद्रपुरी कॉलोनी निवासी ओम प्रकाश नारायण त्रिपाठी के खाते को हैक कर साइबर जालसाज ने तीन दिन में 26,37,247 रुपये निकाल लिए। घटना के संबंध में भेलूपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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भुक्तभोगी ओम प्रकाश नारायण त्रिपाठी ने बताया कि उनका खाता सोनारपुरा स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में है। बीते 24 जनवरी को उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि वह बैंक ऑफ इंडिया का अधिकृत प्रतिनिधि है। आप द्वारा बैंक में लगाए गए चेक का क्लियरेंस नहीं हो पा रहा है। फिर उसने चेक के संबंध में पूरी जानकारी दी। इस पर ओम प्रकाश नारायण त्रिपाठी ने उससे चेक के क्लियरेंस के लिए अनुरोध किया। कॉल करने वाले से उनकी कई बार बात हुई। इसके बाद 24 से 27 जनवरी के बीच उनके बैंक खाते को हैक 26,37,247 रुपये निकाल लिए गए। ओम प्रकाश नारायण त्रिपाठी ने पुलिस को बैंक स्टेटमेंट भी उपलब्ध कराया है। इस संबंध में इंस्पेक्टर भेलूपुर रमाकांत दूबे ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
हमारी सतर्कता ही सुरक्षा का अचूक उपाय
साइबर क्राइम एक्सपर्ट विजय श्रीवास्तव ने बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए हमारी सतर्कता ही सबसे अचूक उपाय है। चेक में तीन ही चीजें महत्वपूर्ण होती हैं और वो हस्ताक्षर, तिथि व राशि है। इससे संबंधित कोई त्रुटि होती है और कॉल आती है तो हमें फोन पर कोई भी जानकारी साझा करने के बजाय सीधे खुद बैंक जाना चाहिए। फोन पर कभी भी किसी को अपने बैंक खाते से संबंधित कोई भी जानकारी नहीं साझा करनी चाहिए। बैंक खाते से संबंधित लेनदेन के एसएमएस को लेकर भी सतर्क रहना चाहिए।